धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
नागपुर। दीक्षाभूमि में आयोजित 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह अवसर पर जिलाधीश कुमार आशीर्वाद ने श्रद्धालुओं के लिए बनाए जा रहे आश्रय डोम, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी बुनियादी सुविधा में कोई कमी न रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रवीण महिरे, अतिरिक्त नगर आयुक्त मिलिंद मेश्राम, समाज कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सुकेशिनी तेलगोटे ने जिलाधीश को दीक्षाभूमि क्षेत्र में अनुयायियों के आवास के लिए बनाए जा रहे डोम और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। महिलाओं के लिए एक हिरकनी कक्ष बनाया जा रहा है और एक डोम में लगभग 500 अनुयायियों के आवास की व्यवस्था की जाएगी।
24 घंटे पानी की आपूर्ति, स्वच्छता और नियंत्रण कक्ष
धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस समारोह के लिए आवश्यक नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था युद्धस्तर पर चल रही है। अनुयायियों के लिए आश्रय, चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति, चौबीसों घंटे स्वच्छता और मार्गदर्शन के लिए एक नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की जा रही है। ये सुविधाएं रविवार, 18 अक्टूबर से अनुयायियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन ने दीक्षा भूमि में समारोह के मुख्य दिन के साथ-साथ अन्य दिनों में आने वाले लाखों अनुयायियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की योजना बनाई है। जिलाधीश ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, आवास और सुरक्षा के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमले की साजिश को नाकाम करने के लिए पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों का आभार।
अप्रिय घटना टालने ठोस योजना बनाए : पुलिस आयुक्त
दीक्षाभूमि में आयोजित होने वाले 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह में लाखों अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अनुयायियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष नियोजन किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चोरी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए। अनुयायियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले अनुयायियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध पुलिस बल का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए और हर सेक्टर में पुलिस उपनिरीक्षक की नियुक्ति की जाए। मामले में सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से काम करें। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रणाली तैयार। समारोह के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों की व्यवस्था की गई है।












