35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अभियान पूरा; अंतिम दिन नौ स्वर्ण मेडल पर किया कब्जा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागोया। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन करते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने शुक्रवार को यहां आखिरी दिन रिकॉर्ड प्रदर्शन के दम पर 30 स्वर्ण सहित कुल 114 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारत ने इस बार इन खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हांगझोउ में 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे जो उस समय देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वहां जारी खेलों में शुक्रवार को पहली बार स्वर्ण पदक जीतने में पैरा स्वर्ण पदक जीते जो इस चरण में उसका एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
ये स्वर्ण पदक तीरंदाजी, निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में मिले। एथलेटिक्स ने हमेशा की तरह भारत के पदक संख्या में इजाफा किया। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते जो 2023 के मुकाबले 12 अधिक हैं। शुक्रवार को हालांकि बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भी सुर्खियां बटोरीं और तीन स्वर्ण पदक जीते। इनमें पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार के व्यक्तिगत वर्गो के स्वर्ण पदक शामिल हैं। अनुभवी नितेश ने पुरुष एकल एसएल३ वर्ग में स्वर्ण और मिश्रित युगल एसएल३-एसयू५ स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि इन खेलों में पदार्पण कर रहे नवीन ने पुरुष एकल एसएल४ वर्ग का स्वर्ण अपने नाम किया। 31 वर्षीय नितेश ने पुरुष एकल फाइनल में हमवतन और टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने तुलसीमति मुरुगेसन के साथ मिश्रित युगल में रजत पदक जीता।
नवीन ने एसएल४ वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। तुलसीसोमति ने भी यादगार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। उन्होंने महिला युगल का खिताब अपने नाम किया। पेरिस पैरालंपिक की रजत पदक विजेता 24 वर्षीय तुलसीसोमति ने मानसी जोशी के साथ मिलकर महिला युगल एसएल३-एसयू५ का खिताब जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग किडशिया और शियाओ नुरिशान को 21-16, 21-13 से हराया। इससे पहले तुलसीसोमति को महिला एकल एसयू५ के फाइनल में यांग किडशिया से 18-21, 11-21 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एथलेटिक्स में संदीप और हनोई ने क्रमशः पुरुषों की 400 मीटर टी64 और भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते। मौजूदा पैरालंपिक और विश्व चैंपियन सुमित अंतिल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की भाला फेंक एफ42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। उन्होंने 72.46 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता।













