जांच का आश्वासन : ढाई साल बाद सामने लाने के मकसद पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने उठाए सवाल
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ऑडियो क्लिप के पूरे राजनीतिक विवाद पर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया। मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे से जुड़े 500 करोड़ रुपये के आरोपों वाली वायरल ऑडियो क्लिप की अब फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिसमें यह दावा किया गया है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विभागीय स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सवाल उठाया कि संबंधित बातचीत को ढाई साल बाद अचानक सामने लाने के पीछे क्या मकसद है? इसके जरिए आखिर किसे निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोहराया कि चूंकि शिवसेना, भाजपा और खुद मनोज जरांगे तीनों ही पक्ष इस ऑडियो क्लिप की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, इसलिए मामले की फोरेंसिक तरीकों से पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी सच्चाई होगी, उसे सामने लाया जाएगा। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई है। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जरांगे को खुली चुनौती दी थी कि वे यह आरोप साबित करें कि उन्होंने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए और अपने बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए यह रकम आगे पहुंचाई। इस चुनौती के बाद मनोज जरांगे ने ऑडियो क्लिप सार्वजनिक कर दी। वायरल हुई इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर एक महिला यह दावा करती सुनाई देती है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। (पेज 6 पर)
नौसेना के 282 अग्निवीरों को पुलिस कांस्टेबल नियुक्त
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के निवासी 282 पूर्व नौसेना अग्निवीरों को पुलिस कांस्टेबल के पद पर नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने पहले ही सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया था। अग्निवीर वे सैन्य कर्मी हैं जिन्हें केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को केंद्र से महाराष्ट्र के मूल निवासी 282 नौसेना अग्निवीरों की पहली सूची प्राप्त हुई थी। फडणवीस ने बताया कि कुल 282 अग्निवीरों में से 150 को ‘डेकसाइड’ (जहाज संचालन व ऊपरी हिस्से से संबंधित) श्रेणी में और 132 को ‘इंजनसाइड’ (जहाज के इंजन व तकनीकी रखरखाव से संबंधित) श्रेणी में पुलिस कांस्टेबल के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इन सभी को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं।













