हेक्टेयर के हिसाब से 1 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
वाशिम। महाराष्ट्र में अतिवृष्टि और फसलों को हुए भारी नुकसान के चलते आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों के समर्थन में किए गए आंदोलन ने वाशिम में उग्र रूप ले लिया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के विधायक नितिन देशमुख और उनके समर्थकों ने किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर समृद्धि महामार्ग पर चक्का जाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने विधायक नितिन देशमुख को हिरासत में ले लिया। अतिवृष्टि के कारण महाराष्ट्र के कई इलाकों में खेती और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे बड़ी संख्या में किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
ठाकरे गुट का आरोप है कि सरकार की ओर से दी जा रही 5 हजार रुपये की अस्थायी सहायता किसानों के नुकसान की तुलना में बेहद कम है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रभावित किसानों को कम से कम 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता दी जाए। वाशिम जिले के मनोजा में ठाकरे गुट की ओर से समृद्धि महामार्ग पर आंदोलन किया गया। पुलिस प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद विधायक नितिन देशमुख और उनके समर्थक महामार्ग पर उतर आए और यातायात रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। समृद्धि महामार्ग पर चक्का जाम के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठाकरे गुट के विधायक नितिन देशमुख समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
आंदोलन के लिए 1500 पुलिसकर्मी तैनात
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मनोजा और समृद्धि महामार्ग के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 1500 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया गया था। प्रशासन की कोशिश थी कि महामार्ग पर यातायात बाधित न हो और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की सहायता की मांग को लेकर ठाकरे गुट ने आक्रामक रुख अपनाया है। इस आंदोलन के बाद किसानों के मुआवजे का मुद्दा एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। किसानों की मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।













