क्रेन से गिरकर 2 मजदूरों की मौत
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। गीता मंदिर के सामने बन रहे म्हाडा सिटी के प्रोजेक्ट में शुक्रवार को भीषण हादसा हुआ। क्रेन की चेन टूटने से 4 मजदूर ऊंचाई से नीचे आ गिरे। हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हुए। बताया जाता है कि उस समय नाश्ते का समय होने के कारण निर्माण स्थल पर कम मजदूर मौजूद थे। हादसे के बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों को बाहर निकालकर छुट्टी दे दी गई। कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें घटना के संबंध में किसी से बात नहीं करने दिया जा रहा है। घायलों में एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे सुरक्षा में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में गणेशपेठ थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
मृतकों की पहचान विश्वनाथ कटाने (28), निवासी भंडारा, और मुकेश निषाद (27), निवासी उत्तर प्रदेश, के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में महेश मिखी और ममोतोदास शामिल हैं। दोनों झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के संबंध में कुछ मजदूरों ने बताया कि निर्माणाधीन म्हाडा सिटी में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के करीब 100 से 150 मजदूर रोजाना काम करते हैं। शुक्रवार सुबह क्रेन की मदद से मशीन ऊपर ले जाने का काम चल रहा था। कुछ मजदूरों के अनुसार, उस समय क्रेन को और ऊपर उठाया जा रहा था। इसी दौरान विश्वनाथ, मुकेश, महेश और ममोतोदास क्रेन के केबिन में मौजूद थे। इनमें से कुछ बैठे थे, जबकि कुछ खड़े थे। इसी बीच क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और मजदूर नीचे गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केबिन का दरवाजा ठीक से बंद नहीं होने या किसी नट-बोल्ट के टूटने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मजदूरों के अनुसार, हादसे के समय क्रेन काफी ऊंचाई पर थी। कुछ का दावा है कि मजदूर 50 फीट से अधिक ऊंचाई से गिरे, जबकि कुछ ने ऊंचाई 100 फीट से अधिक बताई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और मजदूरों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य पुणे की शिर्के कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। यहां बहुमंजिला मॉल का निर्माण कार्य जारी है। विभिन्न राज्यों के ठेकेदारों के माध्यम से मजदूरों को काम पर लगाया गया है। हादसे के बाद मजदूरों में रोष देखा गया। आरोप है कि मृतकों और घायलों को स्थानीय मजदूर बताकर अन्य मजदूरों को शांत करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कंपनी के अधिकारियों ने हादसे के संबंध में जानकारी देने से इन्कार करते हुए कहा कि वे पुलिस को पूरी जानकारी दे चुके हैं। उधर, हादसे की जानकारी मिलते ही मजदूर संगठनों के कुछ प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें निर्माण स्थल के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे।











