नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में कृषि ऋण माफी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को आखिरकार पुलिस ने हटा दिया। इस मामले में मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ को पुलिस ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य अवरुद्ध सड़कों से यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है।
बच्चू कडू के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे थे प्रदर्शनकारी
‘प्रहार जनशक्ति पार्टी’ (PJP) के नेता और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों और समर्थकों ने ‘महा एल्गार मोर्चा’ के तहत मंगलवार से प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी पूर्ण कृषि ऋण माफी की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर के बाहरी इलाकों की सड़कों पर जाम लगाए बैठे थे।
अदालत का हस्तक्षेप और सख्त निर्देश
न्यायमूर्ति रजनीश व्यास की अवकाशकालीन पीठ ने बुधवार को इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने कडू और उनके समर्थकों को तुरंत राजमार्ग और अन्य सार्वजनिक मार्गों से हटने का आदेश दिया और कहा कि नागरिकों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट
नागपुर पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने हलफनामा दाखिल करते हुए अदालत को बताया कि सभी मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से शुरू हो गया है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि बच्चू कडू ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार के साथ बातचीत असफल रही, तो वह ‘रेल रोको आंदोलन’ शुरू करेंगे — जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
पुलिस ने मांगी रोक, कोर्ट ने जारी किए नोटिस
पुलिस आयुक्त ने अदालत से अनुरोध किया कि कडू को ‘रेल रोको’ करने से रोका जाए। इस पर अदालत ने कहा कि अगर रेल यातायात बाधित होने की आशंका है, तो विभागीय अधिकारियों को सतर्क रहना होगा।
पीठ ने इस मामले में रेल मंत्रालय, मध्य रेलवे, आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और राजकीय रेलवे पुलिस को नोटिस जारी किए और निर्देश दिया कि सभी एजेंसियां मिलकर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करें।
कडू ने ‘रेल रोको’ रद्द करने का किया एलान
कडू के वकील हरिओम धागे ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल ने ‘रेल रोको आंदोलन’ रद्द करने का निर्णय लिया है। अदालत ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करेगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, बच्चू कडू गुरुवार शाम मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे ताकि किसान ऋण माफी से जुड़ी अपनी मांगों पर चर्चा की जा सके।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नागरिकों की सुरक्षा और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से पूर्ण सहयोग की उम्मीद रखती है।
अगली सुनवाई शुक्रवार को
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है। अदालत ने साफ किया कि सार्वजनिक मार्गों के अवरोध और यातायात बाधा जैसी घटनाओं को लेकर प्रशासन को पहले से सतर्क और सक्रिय रहना होगा।











