बागियों के नामांकन वापस होने का दावा : मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले
नागपुर, संवाददाता:स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव नजदीक आते ही विदर्भ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई स्थानों पर महायुति (भाजपा, शिंदे गट, अजित पवार गट) एकजुट होकर मैदान में है, वहीं कुछ जगहों पर भाजपा अपने ही मित्रपक्षों के खिलाफ उतरने से मतभेद भी सामने आए हैं। कुछ नगरपरिषद क्षेत्रों में बागी उम्मीदवारों ने भी माहौल गरमाया है।
इसी बीच राज्य के महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया है कि नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन तक सभी बागी उम्मीदवार अपने फॉर्म वापस ले लेंगे। वे सोमवार को नागपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
महायुति को मजबूत रखने की कोशिश
बावनकुले ने बताया कि विदर्भ के कई क्षेत्रों में महायुति का औपचारिक गठबंधन है, जबकि कुछ स्थानों पर भाजपा मित्रपक्ष के रूप में चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि जहां गठबंधन पार्टियों के खिलाफ मुकाबला है, वहां भी मनभेद न बढ़ें, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, नगरपालिकाओं के विकास के लिए महायुति का नगराध्यक्ष चुनना जरूरी है। ‘भाजपा और महायुति ही नगरपालिकाओं का समग्र विकास कर सकती है। जनता विकास पर वोट देगी, धर्म-पंथ से ऊपर उठकर निर्णय होगा,’ उन्होंने कहा।
बिहार का प्रभाव महाराष्ट्र पर भी दिखेगा
राज्य की निर्णय प्रक्रिया पर बोलते हुए बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र में पदों के चयन का फैसला परिस्थितियों और समय की जरूरत के आधार पर ही लिया जाता है। कुछ निर्णय भावनात्मक आधार पर भी होते हैं। ‘बिहार का जो राजनीतिक प्रभाव है, वह महाराष्ट्र में भी देखने को मिलेगा,’ उन्होंने टिप्पणी की। स्थानीय निकाय चुनावों के माहौल में बावनकुले का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।










