नागपुर, संवाददाता:समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध नागपुर शहर हमेशा से विदर्भ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान रहा है। इसी पृष्ठभूमि पर बोलते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर वह धरती है, जहां मराठी और हिंदी साहित्य की समानांतर और समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। यहां के साहित्यकारों ने ज्ञान संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया है।
राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (एनबीटी) इंडिया, महाराष्ट्र शासन तथा जीरो माईल यूथ फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘नागपुर बुक फेस्टिवल 2025’ के अंतर्गत चार दिवसीय ‘जीरो माईल लिटरेचर फेस्टिवल’ का रविवार को रेशीमबाग मैदान में मुख्यमंत्री फडणवीस के हस्ते भव्य उद्घाटन हुआ। यह साहित्य महोत्सव 23, 24, 29 और 30 नवंबर को आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में शालेय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति एवं साहित्य अकादमी की उपाध्यक्षा डॉ. कुमुद शर्मा, लेखक एवम शिवकथाकार विजयराव देशमुख, जीरो माईल यूथ फाउंडेशन के मार्गदर्शक सत्यनारायण नुवाल, अध्यक्ष अजय संचेती तथा संचालक समय बनसोड उपस्थित थे।











