नागपुर, संवाददाता:सावनेर विधानसभा क्षेत्र में हुए विवादित भाजपा प्रवेश को लेकर पार्टी में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। नरेंद्र पिंपले और रमेश (अमित) राय के करवाए गए पार्टी प्रवेश को सीधे जिलाध्यक्ष मनोहर कुंभारे को मुश्किल में डाल दिया। सोमवार को विधायक आशीष देशमुख ने मंच से ही खुली नाराजगी जताई, जिसके बाद जिलाध्यक्ष कुंभारे को दोनों नेताओं का प्रवेश रद्द करने की घोषणा करनी पड़ी।
कुंभारे ने स्पष्ट किया कि इस पक्ष प्रवेश की जानकारी न तो राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को थी, और न ही विधायक आशीष देशमुख को। सावनेर में प्रचार कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विधायक आशीष देशमुख ने पिछले हफ्ते हुए पक्ष प्रवेश पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ‘सावनेर की जनता ने मुझे रेती माफिया और सट्टा माफिया के खिलाफ लड़ने के लिए चुना है। लेकिन अगर ऐसे ही लोग हमारे ही दल में शामिल किए जाएंगे,राजस्व चोरी करने वाले या गुंडागर्दी करने वाले लोगों को जगह दी जाएगी, तो हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। राजस्व मंत्री को दो दिनों के भीतर इस प्रवेश को रद्द करना चाहिए, अन्यथा मैं गांधी प्रतिमा के सामने सत्याग्रह करूँगा।’यह कहकर वे कार्यक्रम से अचानक निकल गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रवेश रद्द देशमुख की कड़ी प्रतिक्रिया के सिर्फ 15 मिनट बाद ही जिलाध्यक्ष मनोहर कुंभारे मीडिया के सामने आए और घोषणा की कि ‘नरेंद्र पिंपले और अमित राय का पक्ष प्रवेश जिला भाजपा द्वारा करवाया गया था। इस प्रक्रिया से मंत्री बावनकुले और विधायक देशमुख का कोई संबंध नहीं है, उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं थी।’ उन्होंने आगे बताया कि दोनों नेताओं का पार्टी प्रवेश रद्द कर दिया गया है











