लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। राज्य में जल्द ही भीख मांगने पर रोक लग जाएगी। विधानसभा के बाद महाराष्ट्र भिक्षावृत्ति निषेध विधेयक विधान परिषद में भी पारित हो गया। लेकिन सदन के कई सदस्यों के असहमत होने से हंगामे के बीच विधेयक पारित हो पाया। इस पर सभापति नीलम गोर्हे के सामने शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे, एनसीपी के अमोल मिटकरी समेत कई सदस्यों ने नाराजगी जताई।
विधान परिषद में बिल को मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में बैठक आयोजित की गई है। राज्य में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने वाला विधेयक हंगामे के बीच विधान परिषद में पारित हो गया। राज्य मंत्री आदिति तटकरे ने विधेयक पेश किया। विधायक मनीषा कायंदे, अमोल मिटकरी और पटल सभापति नीलम गोर्हे ने इस पर असंतोष जताया। विधायक एकनाथ खड़से ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विधेयक के शीर्षक और महरोगी शब्द को बाहर करने के शीर्षक के बीच कोई सामंजस्य नहीं है। सभापति नीलम गोर्हे ने बिल के बारे में सूचना पुस्तिका में दिए गए स्पष्टीकरण पर नाराजगी जताई। सदन के कई सदस्यों के असंतोष के बावजूद यह बिल पास हो गया। शनिवार को संबंधित विधान परिषद सभापति के कक्ष में बैठक आयोजित की गई है।











