लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। शहर में हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को खूबसूरती के जाल में फंसाकर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले संगठित गिरोह का क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों में से 7 को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 महिला आरोपियों समेत 6 अन्य की तलाश जारी है। यह गिरोह खुद को पुलिस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक नेता और पत्रकार बताकर रसूखदार लोगों को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अजनी निवासी अश्विन विनोद रणविजय (39), नितिन सुखदेव कांबले (38), कुणाल प्रकाश पुरी (42), हुडकेश्वर निवासी रितेश उर्फ पप्पू मनोहर दुर्गकर (41), गोंदिया निवासी आशीष मधुकर कावड़े (36), अविनाश हेमराज साखरे (35) और नागपुर निवासी रविकांत कांबले शामिल हैं। वहीं फरार आरोपियों में गोंदिया जिले के बनगांव-आमगांव क्षेत्र की मोना गोपाल चिखलोंढे (45), आरुषि भालाधरे (28), शुभांगिनी बापू निंबलकर (19), एक महिला पत्रकार सहित तहसील निवासी पठान (50) और रामटेक्कर (55) शामिल बताए गए हैं। सभी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी की खबर मिलते ही आरोपी रविकांत ने सीने में दर्द की शिकायत कर खुद को अस्पताल में भर्ती करा लिया, लेकिन पुलिस ने वहां से भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल नागपुर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी इस गिरोह का शिकार हुआ है, तो वह बिना डर के सामने आए, ताकि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। गौरतलब है कि इसी तरह का एक मामला हाल ही में गड़चिरोली जिले में भी सामने आया था, जहां एक डॉक्टर से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। उस मामले में भी रविकांत समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।











