कोलकाता। भारत ने अपनी समुद्री सैन्य ताकत का लोहा मनवाते हुए गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में के-4 (K-4) इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल टेस्ट किया। यह टेस्ट भारत की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिघात (INS Arighat) से किया गया, जो दुश्मन के खेमे में हलचल पैदा करने के लिए काफी है।
यह मिसाइल 3,500 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है। खास बात यह है कि यह करीब 2.5 टन वजनी परमाणु हथियार ले जा सकती है और इसे विशेष रूप से भारत की अरिहंत-क्लास (Arihant-class) पनडुब्बियों से लॉन्च करने के लिए तैयार किया गया है।
के-4 के सफल परीक्षण के साथ भारत का ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ (जमीन, हवा और पानी से परमाणु हमला करने की क्षमता) और भी घातक हो गया है। आईएनएस अरिघात जैसी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां समुद्र की गहराइयों में छिपकर ‘डिटेरेंस पेट्रोल’ करती हैं, जिससे भारत को ‘सेकंड स्ट्राइक’ की बेजोड़ क्षमता मिलती है।








