नागपुर। विदर्भ के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले को ‘ग्रीन स्टील हब ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित किया जाएगा। गढ़चिरौली में स्टील से जुड़ा संपूर्ण इकोसिस्टम खड़ा कर चीन से भी कम दर पर स्टील दुनिया को उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। यह विश्वास महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। वे राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय परिसर, अंबाझरी-अमरावती मार्ग, नागपुर में ‘एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट’ द्वारा आयोजित ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ खासदार औद्योगिक महोत्सव के उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री (उपमुख्यमंत्री) ने कहा कि राज्य में विभिन्न मैग्नेट हब विकसित कर उनके आसपास के जिलों का समग्र विकास करना उद्देश्य है। उन्होंने नागपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल सुविधा की विशेष सराहना की। यह परियोजना 2028 तक शुरू होने की संभावना है, जिसके माध्यम से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा, नागपुर में देश की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल इकोसिस्टम विकसित की जा रही है, जिससे करीब एक लाख रोजगार सृजित होंगे।
अमरावती में सफल इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क की तर्ज पर पीएम मित्रा योजना के अंतर्गत पार्क विकसित किया जाएगा तथा अमरावती एयरपोर्ट के पास एविएशन स्कूल भी स्थापित किया जा रहा है। इससे यवतमाल, बुलढाणा, वाशिम और अकोला जिलों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। उन्होंने भविष्य की GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) लहर को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीति के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने नल गंगा परियोजना, जल नियोजन, फल प्रोसेसिंग और गैस-आधारित उद्योगों पर भी विस्तार से चर्चा की।
राज्य के उद्योग सचिव पी. अनबलगन ने राज्य में विकसित होने वाले तीन औद्योगिक क्लस्टर्स की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विदर्भ देश के विकास में बड़े पैमाने पर योगदान देगा। इससे पहले, एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के अध्यक्ष आशीष काले ने पिछले दो खासदार औद्योगिक महोत्सवों की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सरकार ने GCC और बांस से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देकर उन्हें औद्योगिक नीति में शामिल किया है। साथ ही, 100 एकड़ में ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी का कार्य प्रगति पर है और मनपा, AID तथा टाटा स्ट्राइव मिलकर विभिन्न पहल चला रहे हैं। इस वर्ष ‘एडवांटेज विदर्भ’ का स्वरूप और अधिक व्यापक है, जिसमें तीन दिनों में 370 स्टॉल, बिजनेस सत्र और भव्य एक्सपो शामिल हैं।









