मुंबई। राज्य विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इससे पहले महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए किसानों समेत कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। विपक्ष ने सरकार को आर्थिक, प्रशासनिक और नैतिक रूप से विफल बताते हुए सत्र के दौरान जोरदार घेराव के संकेत दिए हैं।
एमवीए ने मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित पारंपरिक चाय बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं को केवल दिखावा बना रही है और सत्ता के घमंड में काम कर रही है। बड़ी बात यह है कि इस अहम बैठक में शरद पवार की एनसीपी का कोई नेता शामिल नहीं हो पाया। इसे ‘कम्युनिकेशन गैप’ बताया गया लेकिन कहा जा रहा है कि राज्यसभा की सीटों के लिए कांग्रेस और यूबीटी (शिवसेना – उद्धव गुट) कहीं न कहीं शरद पवार से दूरी बना रहे हैं।











