लखनऊ। आशियाना इलाके में एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिया गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाला बेटा ही हत्यारा निकला। पूछताछ में बयान बदलने के बाद सच सामने आया तो पुलिस भी सन्न रह गई। बहन को धमकाकर चुप कराया गया था।
आशियाना इलाके में दवा और शराब कारोबारी मानविंद्र सिंह की हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। पड़ोसियों और पुलिस की मानें तो आरोपी बेटा अंकित प्रताप सिंह रियल लाइफ में किसी फिल्मी विलेन की तरह व्यवहार करता था। 21 वर्षीय अंकित को क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज देखने का जबरदस्त शौक था। यही नहीं, स्थानीय रामलीला के दौरान वह रावण का किरदार निभाता था। पड़ोसियों ने बताया कि उसे नायक से ज्यादा खलनायक (विलेन) के किरदार दिलचस्प लगते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंकित को अपने पिता के शराब और दवा के कारोबार से सख्त ऐतराज था। वह चाहता था कि उसके पिता यह काम छोड़कर कोई दूसरा बिजनेस शुरू करें। करीब 4 साल पहले अंकित एक 6 पन्ने का लंबा पत्र लिखकर घर से भाग गया था। उस खत में भी उसने पिता से बिजनेस बदलने की जिद की थी और स्पष्ट लिखा था कि वह मेडिकल की पढ़ाई नहीं करना चाहता।











