समाधान | डीपीसी बैठक में विकास, स्वास्थ्य और पुस्तकालयों को लेकर लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले
लोकवाहिनी संवाददाता
भंडारा। जिला नियोजन समिति (डीपीसी) की बैठक में जिले के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों को ‘सी’ श्रेणी ग्रामीण तीर्थक्षेत्र का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इनमें पवनी तहसील के आकोट स्थित साईं मिशन श्री संत मणिरम बाबा मानवधर्म आश्रम, लाखांदूर तहसील के सावरगांव में चुलबंद नदी तट पर स्थित शंकर भगवान देवस्थान तथा लाखनी तहसील के भुगाव-पंढरपुर स्थित विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर देवस्थान शामिल हैं। बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र सरकार के राज्यमंत्री (गृह-ग्रामीण, गृहनिर्माण, स्कूल शिक्षा, सहकार एवं खनिकर्म) तथा भंडारा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने की।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष कविता उईके, सांसद प्रफुल्ल पटेल, सांसद राजेंद्र जैन, सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, विधायक नरेंद्र भोंडेकर, राजू कारेमोरे, परिणय फुके, अविनाश ब्राह्मणकर, अभिजीत वंजारी, जिलाधिकारी सावन कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलिंद कुमार सालवे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निलेश मोरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रत्येक क्षेत्र को तीन-तीन करोड़ होंगे उपलब्ध
जिला पुस्तकालय का स्ट्रक्चरल ऑडिट जारी होने की जानकारी देते हुए पालकमंत्री ने तीनों विधानसभा क्षेत्रों के पुस्तकालयों के विकास के लिए जिला नियोजन समिति के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र को तीन-तीन करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जिन गांवों में श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां जनसुविधा योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर श्मशान भूमि विकसित करने के निर्देश भी दिए। जिला सामान्य अस्पताल में सीटी-स्कैन मशीन लंबे समय से बंद होने के कारण मरीजों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस पर पालकमंत्री ने मौजूदा मशीन की तत्काल मरम्मत कर उसे चालू करने तथा नई सीटी-स्कैन मशीन के लिए शीघ्र प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा कृषि, ऊर्जा और वन विभागों को जिला नियोजन समिति के अंतर्गत प्रस्तावित सभी विकास कार्यों की सूची समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक की शुरुआत जिला नियोजन समिति के नामित एवं आमंत्रित सदस्यों के स्वागत से हुई। इसके बाद जिले के विकास कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत सुविधाओं, पुस्तकालय विकास तथा जिला नियोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए।
में 15 जनवरी 2026 को आयोजित बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। जिला नियोजन समिति की पिछली साथ ही जिला वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत मार्च 2026 तक हुए व्यय को मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में जिला वार्षिक योजना का 100 प्रतिशत बजट सफलतापूर्वक खर्च किया गया। इसके अलावा वर्ष 2026-27 की जिला वार्षिक योजना के तहत जून 2026 तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई कर संतोषजनक समाधान प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने भंडारा शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं जिला सामान्य अस्पताल से जुड़ी समस्याओं पर भी जिलाधिकारी को संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
तुमसर-मोहाडी उपजिल्ला अस्पताल के लिए वरठी में भूमि उपलब्ध न होने का मुद्दा विधायक राजू कारेमोरे ने उठाया। इस पर पालकमंत्री ने भूमि अभिलेख विभाग को 15 दिनों के भीतर भूमि का सर्वेक्षण एवं माप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के पुस्तकालयों और वाचनालयों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया।













