बीएसएफ को जमीन मिलेगी, बंगाल की भाजपा सरकार का फैसला
लोकवाहिनी, संवाददाता |कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत उपायों की घोषणा की, जिनमें राज्य को केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना में शामिल करना, सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि का हस्तांतरण और बीएनएस आपराधिक कानून को लागू करना शामिल है। ये निर्णय पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मंत्रिमंडल की पहली बैठक के दौरान लिए गए, जिसकी अध्यक्षता अधिकारी ने की और जिसमें शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों के साथ-साथ वरिष्ठ नौकरशाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंगाल अब आयुष्मान भारत योजना का हिस्सा बन जाएगा, साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, किसानों को फसल बीमा प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सरकारी स्कूलों के उन्नयन के लिए प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना और कारीगरों एवं शिल्पकारों को समर्थन देने वाली प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी कई अन्य केंद्रीय कल्याणकारी परियोजनाओं का भी हिस्सा होगा। राज्य में महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना और रियायती दरों पर खाना पकाने के रसोई गैस प्रदान करने वाली उज्ज्वला 3.0 योजना भी लागू की जाएगी। आरोप है कि ममता बनर्जी के पूर्व शासनकाल में राजनीतिक कारणों से इन सभी योजनाओं को राज्य के लोगों की पहुंच से बाहर रखा गया था।
सुवेंदु अधिकारी ने मंत्रियों को बांटे विभाग
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कैबिनेट गठन के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। दिलीप घोष को पंचायत व ग्रामीण विकास और कृषि विपणन, अग्निमित्रा पाल को नगर विकास और नारी व शिशु कल्याण विभाग, अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग, खुपीराम टुडू को आदिवासी विकास विभाग और निशिथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास विभाग और खेल व युवा कल्याण विभाग मिला है।
900 से ज्यादा सलाहकारों और ओएसडी की होगी छुट्टी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट मीटिंग में सर्जिकल स्ट्राइक हुई। राज्य सरकार ने रिटायरमेंट के बाद भी काम कर रहे सरकारी अधिकारियों की नौकरी खत्म करने का फैसला किया। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई इलाकों में रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारियों को काम करते रहने की छूट दी थी। हालांकि नए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार ऐसा नहीं होगा। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सुवेंदु अधिकारी ने निर्देश दिया कि अलग-अलग बोर्ड, ऑर्गेनाइजेशन और पब्लिक सेक्टर यूनिट के नॉमिनेटेड मेंबर, डायरेक्टर और चेयरपर्सन का टर्म तुरंत खत्म होना चाहिए। सभी डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी को लेटर भेजे गए हैं।








