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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 6 फरवरी को युवती की प्रजनन स्वतंत्रता को अजन्मे बच्चे के अधिकार से ज्यादा जरूरी बताया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर कोई युवती प्रेग्नेंसी कंप्लीट नहीं करना चाहती है, तो कोर्ट उसे मजबूर नहीं कर सकता। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने बॉम्बे हाई... Read More
















