राज्य में औसत के 28 प्रतिशत, 44.39 लाख हेक्टेयर में बुवाई
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मानसूनी बारिश के रुकने का असर बुवाई पर पड़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में आधे क्षेत्र में बुवाई हुई है। इस वर्ष 4 जुलाई तक 44.39 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1.05 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी। राज्य में खरीफ मौसम के गन्ने को छोड़कर कुल बुवाई क्षेत्र औसतन 1.44 करोड़ हेक्टेयर है। राज्य में पिछले चार दिनों से पूरे क्षेत्र में बारिश हो रही है, लेकिन पूरा जून महीना सूखा रहने के कारण बुवाई पर असर पड़ा है। जून के दूसरे सप्ताह से बुवाई शुरू होती है। कुछ क्षेत्रों में धूल बुवाई भी होती है। इस वर्ष बारिश की कमी के कारण धूल बुवाई भी बहुत कम हुई। साथ ही जून के अंत तक बारिश न होने के कारण अधिकांश क्षेत्रों में बुवाई शुरू ही नहीं हुई थी। जून के अंत तक मुश्किल से दस प्रतिशत से भी कम बुवाई हुई थी।
जुलाई की शुरुआत से तटीय और सह्याद्री घाट क्षेत्रों में कुछ हद तक बारिश शुरू होने से बुवाई को गति मिली है। 4 जुलाई तक राज्य में औसत के मुकाबले 28 प्रतिशत बुवाई हुई है। इस वर्ष 44,39,185 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,05,05,968 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी। राज्य में खरीफ मौसम के पिछले पांच वर्षों का औसत बुवाई क्षेत्र 1,57,47,862 हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 10 से 13 लाख हेक्टेयर गन्ने की खेती शामिल होती है।
जुलाई के अंत तक बुवाई पूरी होगी
पिछले चार-पांच दिनों में राज्य भर में बारिश हुई है। कई जगहों पर बुवाई के लिए उपयुक्त बारिश हुई है। जिन क्षेत्रों में बुवाई के लिए उपयुक्त बारिश हुई है, वहां मिट्टी की नमी आने पर तेजी से बुवाई होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जुलाई के अंत तक बुवाई औसत के बराबर हो जाएगी, ऐसी जानकारी कृषि विभाग के विकास और विस्तार विभाग के निदेशक रफीक नायकवडी ने दी।













