आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या का मामला, 6 आरोपी बरी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिंह ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया, जबकि छह आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने ताहिर हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया। हालांकि कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत अपराधों से बरी कर दिया। कोर्ट ने अंकित शर्मा की हत्या के लिए 5 और लोगों को भी दोषी ठहराया।
ताहिर हुसैन के अलावा दूसरे आरोपियों में नाजिम, कासिम, शोएब आलम (ताहिर हुसैन का भाई), जावेद, गुलफाम, समीर खान, हसीन उर्फ मुल्लाजी, अनस, फिरोज और मुंतजिमविश उर्फ मूसा शामिल हैं। ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर, बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में जमानत मिल गई थी। हालांकि ताहिर हुसैन की जमानत अर्जी पिछले साल सितंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
बता दें कि अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हुई थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर 65/2020 से जुड़ा है। यह एफआईआर मृतक अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के दौरान अंकित शर्मा (बेटा) लापता हो गया था, तब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अंकित की बॉडी बाद में एक नाले से मिली थी। जीटीबी हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया था। शिकायत के मुताबिक अंकित शर्मा, इंटेलिजेंस ब्यूरो में काम करता था। घटना की शाम करीब 5 बजे वह घर का सामान खरीदने के लिए घर से निकला था।











