1 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ बैठक का आश्वासन
लोकवाहिनी संवाददाता
चामोर्शी। गढ़चिरौली जिले के चामोर्शी तहसील में किसान बचाव जनआंदोलन समिति, भेंडाला परिसर एवं महिला समिति की ओर से 15 अक्टूबर को लक्ष्मी गेट चौक पर शुरू किया गया रास्ता रोको आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारी किसानों ने भूमि अधिग्रहण कानून रद्द करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। आंदोलन स्थल पर विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जनसुनवाई स्थगित करने तथा 1 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ बैठक आयोजित कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, आंदोलनकारी किसानों ने इस आश्वासन पर असंतोष जताते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। आंदोलनकारियों के अनुसार, गढ़चिरौली में हुए धरना आंदोलन के दौरान सहपालकमंत्री आशीष जयसवाल ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया था कि आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 90 दिनों की समयावधि बढ़ाई जाएगी।
साथ ही, मुख्यमंत्री के साथ बैठक होने तक भूमि अधिग्रहण से संबंधित आगे की प्रक्रिया नहीं चलाई जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से पत्र भी जारी किया गया था। हालांकि, किसानों का आरोप है कि अब तक इन आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ है। इसी बीच फराडा, बेलतुर और रौठ गांवों के किसानों को जनसुनवाई के लिए नोटिस जारी किए जाने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। आंदोलनकारी किसानों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री, सहपालकमंत्री, जिला प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक तत्काल आयोजित की जाए। बैठक होने तक फराडा, बेलतुर और रौठ गांवों की प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित रखी जाए। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की समस्याओं और आपत्तियों पर चर्चा किए बिना जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। उनकी मांग है कि किसानों को विश्वास में लेकर उनकी आपत्तियों और समस्याओं का उचित समाधान किया जाए तथा इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
14 गांवों की उपजाऊ जमीन बचाने की लड़ाई
भेंडाला परिसर के 14 गांवों के किसान अपनी उपजाऊ कृषि भूमि बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण से पहले उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। विधायक डॉ. नरोटे के साथ चर्चा के दौरान उपविभागीय अधिकारी संपत खलाटे और तहसीलदार भी उपस्थित थे। आंदोलन को देखते हुए मौके पर पुलिस का बड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए आश्वासनों के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है।














