देवेंद्र फडणवीस ने राजनाथ सिंह की चिंताओं को दोहराया
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष पर आंदोलनों के बहाने सत्ता परिवर्तन करने एवं अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। यह वास्तव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस एवं उसके सहयोगियों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं की ही पुनरावृत्ति है। एक्स पर प्रकाशित एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, अब सब कुछ स्पष्ट हो गया! आखिरकार, यह सब ‘सत्ता-परिवर्तन’ से ही संबंधित था। अंततः, दिल में छिपे रहस्य भी अब सामने आ गए। उस पोस्ट में लिखा गया था- सारा खेल तो है, जिसका उद्देश्य सत्ता की कुर्सियों पर कब्जा करना है और इसके लिए छात्रों एवं किसानों को उकसाना, जाति एवं भाषा के नाम पर नफरत फैलाना, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना कोई बड़ी बात नहीं है। आंदोलनों के नाम पर अराजकता फैलाना ही उनका वास्तविक उद्देश्य है।
कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों पर आरोप लगाया कि ये चुनाव आयोग के विरुद्ध युवाओं के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल राजनीतिक अशांति फैलाने हेतु कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये युवा बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल युवाओं को अराजकता फैलाने वाली राजनीति में इस्तेमाल किए जाने वाले मोहरे बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि देश को अस्थिर किया जा सके। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उससे कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल, युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों एवं राष्ट्र निर्माण में इस्तेमाल करने के बजाय, राजनीतिक संघर्षों एवं अराजकता फैलाने हेतु इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
अराजकतावादी तत्वों द्वारा देश के युवाओं को एक प्यादे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिशें की जा रही हैं। कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं के आधार पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और वे बांग्लादेश की स्थिति से प्रेरणा ले रहे हैं; जबकि दूसरी ओर, अन्य लोग खुले तौर पर सरकार को उखाड़ने की मांग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनका एकमात्र उद्देश्य है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना और देश में अराजकता फैलाना। उनका संघर्ष चुनाव सुधारों के लिए नहीं है, न ही यह एसआईआर या ज्ञानेश कुमार के बारे में है; बल्कि, यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को भी नुकसान पहुंचाने की एक योजना है। चुनावी प्रक्रिया एवं चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में ही केंद्र सरकार ने यह टिप्पणी की है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को संविधान संबंधी जानकारी दी
मुंबई की महानगरपालिका के स्कूलों में सुजान नागरिक, सक्षम भारत अभियान का आयोजन किया गया था। इस दौरान, मुंबई महानगरपालिका के स्कूलों में नागरिक पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन मूल्यों पर आधारित पाठ्यक्रम पर केंद्रित था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ बातचीत की और उनके लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महानगरपालिका के स्कूल में छात्रों को संविधान के महत्व के बारे में बताया और उनके पुस्तक में दिए गए निर्देशों को भी समझाया। बाबासाहेब आंबेडकर ने असमानता के खिलाफ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने बिना किसी द्वेष के संविधान तैयार किया है। इसके बाद, उन्होंने बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार मुंबई में खेल के लिए एक मैदान उपलब्ध करा रही है और वहां साइकिल ट्रैक भी बनवाया जाएगा। इस घोषणा से मुंबई के बच्चों को राहत मिली है। फडणवीस ने कहा कि मैं मुंबई नगरिका को बधाई देता हूँ। उन्होंने एक शानदार पहल शुरू की है। छात्रों को शिक्षित करते समय, हमें भविष्य के नागरिकों को तैयार करना चाहिए। दुनिया भर की जानकारी छात्रों को संचार के माध्यम से प्राप्त होती है और इसी से उनकी पहचान बनती है।














