36 हजार कंपनियों के बंद होने के आंकड़े की होगी जांच
लोकवाहिनी, संवाददाता
चंद्रपुर। महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान 36 हजार कंपनियों के बंद होने का आंकड़ा आखिर किस स्रोत से आया, इसकी जांच की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई है, लेकिन यह आंकड़ा किस आधार पर तैयार किया गया है, इसकी जांच के लिए एक दिन का समय दिया जाए। इसके बाद पूरी जानकारी सामने रखी जाएगी, ऐसा राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बुधवार को चंद्रपुर में कहा।
जिलाधिकारी कार्यालय में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में सामंत ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और उद्योगों के कारण स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिए। गोंडपिंपरी तहसील के 13 गांवों के किसानों ने प्रस्तावित एमआईडीसी का विरोध किया है। इस मुद्दे पर उद्योग मंत्री सामंत ने स्पष्ट किया कि किसानों को विश्वास में लिए बिना परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले चार-पांच दिनों में जिलाधिकारी की मौजूदगी में किसानों की बैठक आयोजित की जाएगी। वे स्वयं इस बैठक में ऑनलाइन शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा चंद्रपुर आकर किसानों से सीधे संवाद भी करेंगे।
सामंत ने कहा कि चंद्रपुर एक औद्योगिक जिला है। यहां बिजली, पानी और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल गडचिरोली के उद्योगों को 100 प्रतिशत, जबकि चंद्रपुर के उद्योगों को 80 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाता है। अब चंद्रपुर के उद्योगों को भी गडचिरोली की तर्ज पर 100 प्रतिशत प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं भद्रावती स्थित एमआईडीसी क्षेत्र में क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 360 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें राज्य सरकार 180 करोड़, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल 90 करोड़ और स्थानीय खनिज विकास निधि से 90 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए 20 प्रतिशत जमीन आरक्षित रखने की नीति तय की गई है।
चंद्रपुर जिले में वापस लिए गए 18 भूखंड तत्काल एमएसएमई के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। सामंत ने कहा कि जिले में उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बेरोजगारी की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। इसलिए सरकार का ध्यान औद्योगिक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर है। किसी भी उद्योग को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने की बात कही। उद्योगों के विकास का लाभ स्थानीय लोगों को मिले और उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हों, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। बड़े उद्योगों को छोटे उद्योगों से किस प्रकार की जरूरत है और स्थानीय लघु उद्योग उनकी जरूरतें किस तरह पूरी कर सकते हैं, इस पर चर्चा के लिए उद्योग प्रतिनिधियों की अलग बैठक आयोजित की जाएगी। सामंत ने बताया कि दावोस में आयोजित विश्व निवेश सम्मेलन के दौरान हुए समझौते के तहत न्यू एरा क्लीनटेक एनर्जी और ग्रेटा एनर्जी नाम के दो उद्योग भद्रावती क्षेत्र में आ चुके हैं।
मराठी भाषा सीखने की सलाह
ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में सामंत ने कहा कि जिन्हें मराठी भाषा का ज्ञान नहीं है, उन्हें मराठी सीखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब मराठी भाषा से जुड़े विषय पर चर्चा होती है, तो जनप्रतिनिधियों को भी मराठी समझने और पढ़ने में सक्षम होना चाहिए। अभिजीत दीपेक के आंदोलन के बारे में सामंत ने कहा कि वे इसे विद्यार्थी आंदोलन के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली में हुए विद्यार्थी आंदोलन को समर्थन देने का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि झारखंड में हुए विद्यार्थी आंदोलन में राहुल गांधी शामिल क्यों नहीं हुए।












