अधिक मुनाफे के लालच में गई मेहनत की कमाई
दिग्रस में 1.58 करोड़ की धोखाधड़ी, मास्टरमाइंड अटकेत
यवतमाल जिले के दिग्रस शहर में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ करीब 1 करोड़ 58 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के ब्याज दर से अधिक मुनाफा देने का लालच देकर यह ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने जिला परिषद स्कूल के एक केंद्रप्रमुख को गिरफ्तार किया है, जिसे पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम गिरीश किसन दुधे है, जो जिला परिषद स्कूल में केंद्रप्रमुख के पद पर कार्यरत था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिग्रस में “डी-ग्रो कैपिटल” और “विश्वांजली वेंचर” नाम की दो निजी वित्तीय संस्थाएं शुरू की थीं। इन संस्थाओं के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को निवेश पर अत्यधिक और सुनिश्चित रिटर्न देने का झांसा दिया गया।
आरोप है कि बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भरोसा कर अपनी मेहनत की कमाई इन योजनाओं में निवेश की। शुरुआत में कुछ लोगों को आंशिक लाभ दिखाकर विश्वास जीता गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने दिग्रस पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में कुल पांच लोग शामिल हैं। गिरीश दुधे के साथ विनोद कुमार दुधे, अपर्णा दुधे और मनोज पाटील समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है और अन्य पीड़ितों से भी आगे आने की अपील की है।
इस प्रकरण से जिले के शिक्षा जगत में खलबली मच गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।








