बीड। मराठा आरक्षण और मराठा जाति सत्यापन प्रमाणपत्र के मुद्दे को लेकर मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अंतरवाली सराटी में आज उनके अनशन का 4था दिन था और मराठा बंधु उनकी पुकार पर अंतरवाली पहुंच गए हैं। वहीं, सरकार ने मांगें स्वीकार नहीं कीं तो मुंबई की ओर कूच करने की चेतावनी भी जरांगे पाटिल ने दी है। इसके लिए, 12 जनवरी तक इंतजार करने का आह्वान भी उन्होंने मराठा बंधुओं से किया है। हालांकि, गेورराई से कुछ मराठा बंधु मंगलवार को ही मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। खास बात यह है कि बैलगाड़ी लेकर ये 5 से 6 बंधु मुंबई की ओर रवाना हुए हैं, ऐसी जानकारी मराठा आंदोलन समन्वयक गंगाधर कालकुटे ने दी। गेवराई तालुका के गुलज से पांच से छह लोग बैलगाड़ी लेकर मुंबई की ओर रवाना हुए हैं। वे पहले अंतरवाली में मनोज जरांगे से मुलाकात करेंगे और वहां से आगे मुंबई की ओर रवाना होंगे।
मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के आह्वान के बाद 5 तारीख से 12 तारीख तक मराठा समाज के बंधुओं को पहुंचना है। इसके लिए मराठा मुंबई की ओर मोटरसाइकिल, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर, टेम्पो, ट्रक सहित जो भी वाहन मिले उससे मुंबई की ओर रवाना हुए हैं और अपने रिश्तेदारों व पहचान वालों के यहां जाकर रहेंगे तथा जहां पार्किंग होगी वहां वाहन और इन बैलगाड़ियों को खड़ा करेंगे। हम मुंबई के आसपास के इलाके में जाने वाले हैं। जब मनोज जरांगे मुंबई पहुंचेंगे, उस समय मराठा मनोज जरांगे जहां बताएंगे वहां आजाद मैदान या वर्षा बंगले पर भी जा सकते हैं। गंगाधर कालकुटे ने आगे कहा कि लक्ष्मण हाके ओबीसी की समस्याएं रखने गए होते, कुछ मांगने गए होते तो मुलाकात हो जाती। लेकिन, वे मराठा समाज के आरक्षण का विरोध करने जा रहे हैं, इसलिए उनका दांव सफल नहीं होगा। मुंबई के लिए हाके रवाना हुए फिर भी उन्हें रिस्पॉन्स नहीं है, उनमें छगन भुजबल की भूमिका अलग है। वाघमारे की अलग भूमिका है, कोई भी उनके साथ नहीं है। क्योंकि, वे मराठों का विरोध करने के लिए जा रहे हैं। हाके के आंदोलन में सामान्य ओबीसी आएंगे भी नहीं, उन्होंने झूठे बहाने बनाकर गाड़ियां लेकर कुछ लोगों को लाया है। ओबीसी का मोर्चा फेल हो गया है।












