लोकवाहिनी, शहर प्रतिनिधि,नागपुर। विश्वविद्यालय परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड द्वारा शीतकालीन सत्र 2025 की परीक्षा के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल 1261 परीक्षाएं 26 नवंबर 2025 से विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इनमें से 3 लाख 17 हजार 540 छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे। इन सभी परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय ने ग्रीष्मकालीन सत्र 2026 की परीक्षा को सुचारू और त्रुटिरहित रूप से आयोजित करने के लिए अथक प्रयास शुरू कर दिए हैं। उक्त जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने दी। उन्होंने बताया कि 30 दिनों के भीतर 356 परीक्षा परिणाम, 31 से 45 दिनों के भीतर 161 परिणाम और 45 दिनों के भीतर 744 परिणाम घोषित किये जा चुके हैं।
गर्मियों की परीक्षाओं की वर्तमान स्थिति
कुलपति ने बताया, कुल परीक्षाएं 1054 ली गई, प्रकाशित समय सारिणी – 944 परीक्षाएं, 15 मई से पहले प्रकाशित होने वाली समय सारिणी – 110 परीक्षाएं, पूर्ण परीक्षाएं – 261, 22 परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे।
वॉार रूम का गठन
कुलपति ने बताया, विश्वविद्यालय ग्रीष्मकालीन 2026 परीक्षाओं के सुचारू संचालन और समय पर परिणामों की घोषणा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा और इसके लिए एक समन्वय कक्ष का गठन किया गया है। मूल्यांकन केंद्र समन्वयक के रूप में डॉ. समित माहोरे समन्वय कक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे दोनों मूल्यांकन केंद्रों के प्रमुखों और सॉफ्टवेयर एजेंसी के बीच समन्वय स्थापित करेंगे, ताकि छात्रों को समय पर उनके अंक मिल सकें। सॉफ्टवेयर कंपनी समन्वयक के रूप में, आईटी प्रकोष्ठ के सतीश शेंडे जिम्मेदारी संभालेंगे और परिणामों की शीघ्र और समय पर घोषणा के लिए विभिन्न प्रारूपों और तकनीकी रिपोर्ट (टीआर) में सहायता करेंगे।
जांच दल से प्राप्त सुधार प्रक्रिया को तुरंत लागू करना, सॉफ्टवेयर एजेंसी और परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड के बीच समन्वय स्थापित करना ताकि छात्रों को सही और त्रुटिरहित अंकपत्र प्राप्त हों, यह जिम्मेदारी होगी। चारों संकायों के डीन जांच दल के प्रबंधन, छात्रों के अंकों की जानकारी समय पर प्राप्त करने के लिए कॉलेजों के साथ समन्वय, अध्ययन बोर्ड के अध्यक्ष के माध्यम से परीक्षाओं की समय पर मूल्यांकन केंद्र तक पहुंच सुनिश्चित करने, जांच दलों के बीच समन्वय स्थापित करने और जांच दल और मानक परिचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को तैयार करने के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रो-वाइस चांसलर की अनुपस्थिति में रजिस्ट्रार डॉ. राजू हिवसे और नॉलेज सोर्स सेंटर के निदेशक डॉ. विजय खांडल वॉर रूम के संपूर्ण समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे।
आचार्य डिग्री प्रवेश परीक्षा
विश्वविद्यालय ने 9 और 10 मई 2026 को विभिन्न 57 पाठ्यक्रमों के लिए डॉक्टरेट (पीएच.डी.) डिग्री हेतु प्रवेश-पूर्व परीक्षा प्रक्रिया सफलतापूर्वक आयोजित की। इस परीक्षा के लिए कुल 3323 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 2687 छात्र उपस्थित हुए जबकि 645 छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के विभिन्न स्वायत्त शैक्षणिक विभागों में प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होने वाली है। शिक्षा पूरी होने के तुरंत बाद छात्रों को रोजगार और उद्योग सृजन के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, विश्वविद्यालय ने आगामी शैक्षणिक क्षेत्रों से संबंधित अभिनव डिग्री पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं। इन डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में शुरू हो रही है। इनमें अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इसके साथ ही, विभिन्न स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया भी शीघ्र ही शुरू होगी। हम सभी छात्रों से अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए इस नवोन्मेषी और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का आग्रह करते हैं।
पत्र परिषद में कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर, रजिस्ट्रार डॉ. राजू हिवसे, परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड के निदेशक डॉ. मोतीराम तड़स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन डॉ. उमेश पालीकुंडावार, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. मेधा कानेटकर, मानविकी संकाय के डीन डॉ. श्यामराव कोरेटी, अंतःविषय अध्ययन संकाय डीन डॉ. मंगल हिरवाड़े, नॉलेज सोर्स सेंटर के निदेशक डॉ. विजय खांडल, वॉर रूम समन्वयक डॉ. समित माहोरे, वॉर रूम समन्वयक सतीश शेंडे उपस्थित थे।









