कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से संविधानिक व्यवस्था के पक्ष में रही है और जो भी शक्ति संविधान के विरुद्ध जाती है, उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2023 में लाए गए विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विधेयक पहले भी राजीव गांधी और सोनिया गांधी के समय पर विचाराधीन रहा है और कांग्रेस ने इसे समर्थन दिया था।
पटोले ने आरोप लगाया कि सरकार जनगणना को लेकर टालमटोल कर रही है, जबकि देश में हर दस वर्ष में जनगणना होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर मतदाता क्षेत्रों का पुनर्गठन होना चाहिए, लेकिन सरकार राजनीतिक लाभ के लिए प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। उन्होंने अमित शाह के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य सत्ता बनाए रखना और चुनावी लाभ लेना है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों से हटकर कार्य कर रही है। पटोले ने कहा कि कांग्रेस देश में किसी भी प्रकार के ‘मनुवाद’ को स्वीकार नहीं करेगी और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने मणिपुर की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर सरकार गंभीर नहीं है।












