संवाद : आईआईएम नागपुर मीडिया सम्मेलन का समापन
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। भारत को युवाओं का देश कहा जाता है और आज के युवा ही हमारे देश की असली ताकत हैं। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने कहा कि यदि ये युवा देश की सांस्कृतिक समृद्धि मैं उच्च बौद्धिक क्षमता और नैतिक मूल्यों का योगदान दें, तो 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय मीडिया कॉन्क्लेव 2026 का समापन हुआ। इस अवसर पर मंत्री शेलार भाषण दे रहे थे। कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं का जायजा लेते हुए एड शेलार ने कार्यक्रम का सार्थक समापन किया।
शेलार ने कहा, आज पूरी दुनिया भारत को भविष्य की ऊर्जा, प्रतिभा और विकास के केंद्र के रूप में देख रही है। युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे किसी भी प्रलोभन में न पड़ें और सतर्क, अनुशासित और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहें। भारत में विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनने की क्षमता है। हालांकि, हमारी ताकत को सही दिशा में निर्देशित करने की आवश्यकता है। इसके लिए संस्कृति, मीडिया, प्रौद्योगिकी और नेतृत्व के सिद्धांतों का अभ्यास करना आवश्यक है। सम्मेलन के विषय, ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’, को अत्यंत प्रासंगिक और समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने युवा पीढ़ी को जिम्मेदार संचार के चार सिद्धांत बताए। उनका कहना था, सिर्फ लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए नहीं, बल्कि आपसी समझ विकसित करने के लिए संवाद करें।
बोलने से पहले किसी भी विषय को समझें। किसी भी जानकारी को प्रसारित करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने से पहले उसके पीछे के मानवीय उद्देश्य पर विचार करें। यह संदेश उन्होंने छात्रों को दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था को जोड़ने वाला साझा सूत्र नैतिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, उसका उद्देश्य मानव कल्याण और सामाजिक भलाई होना चाहिए। इस अवसर पर प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित उद्यमी और सांस्कृतिक कार्यकर्ता अमित वाइकर ने सीमाओं से परे: भारत विश्व से कैसे संवाद करता है विषय पर मुख्य भाषण दिया।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भारत की सबसे प्रभावी वैश्विक संचार शक्ति है। उन्होंने कहा कि भारत आपके माध्यम से विश्व से संवाद करता है और छात्रों से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को संवाहक बनने का आह्वान किया। वाइकर ने कहा कि भारत की पहचान केवल उसके विविध रंगों, संगीत, साहित्य, भाषा और संस्कृति तक सीमित नहीं है। इस अवसर पर उन्होंने चीन में अपने प्रवास के दौरान आयोजित एक सार्वजनिक रक्तदान शिविर के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा और उससे उत्पन्न विश्वास ही भारत की सच्ची वैश्विक शक्ति है। आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मैत्री ने संस्थान की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईआईएम नागपुर न केवल भविष्य के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार कर रहा है, बल्कि महाराष्ट्र और देश के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के साथ संस्थान द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों, जनहितैषी परियोजनाओं और ज्ञान एवं अनुसंधान के माध्यम से समाज के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया।













