नागपुर। रेलवे में वर्ग ‘ड’ के पदों के लिए आयोजित शारीरिक पात्रता परीक्षा में फर्जी उम्मीदवारों के बैठने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देकर रेलवे प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करने का प्रयास किया। दस्तावेज सत्यापन के दौरान दोनों मामलों का खुलासा होने के बाद अजनी पुलिस ने दो मुन्नाभाई समेत चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेलवे रिक्रूटमेंट सेल, मध्य रेलवे की ओर से वर्ग ‘ड’ पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत शारीरिक पात्रता परीक्षा अजनी स्थित रेलवे स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित की जा रही थी। 1 जून से 5 सितंबर 2026 की रात करीब 10.30 बजे तक चली परीक्षा प्रक्रिया के दौरान फर्जीवाड़े के दोनों मामले सामने आए।
शिकायत के मुताबिक, आगरा, उत्तर प्रदेश निवासी अंकित रामदास तिवारी (21) के नाम पर उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद निवासी शिवम हरिकिशन यादव (26) परीक्षा देने पहुंचा। उसने खुद को अंकित तिवारी बताकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शारीरिक पात्रता परीक्षा दी। इसी तरह राजस्थान के दौसा जिले के बिरगांव निवासी राहुलकुमार शिवलाल मीना (36) ने खुद को बुधाराम श्रीराम मीना (27) बताकर उसके नाम पर परीक्षा दी। इस मामले में भी फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप है। परीक्षा के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में रेलवे प्रशासन को दोनों अभ्यर्थियों के मामलों में गड़बड़ी का पता चला।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह दूसरे व्यक्तियों को परीक्षा में बैठाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठाने के लिए किस स्तर पर संपर्क किया गया था और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। रेलवे रिक्रूटमेंट सेल, मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्रकुमार हीरालाल परदेशी (58), निवासी मुंबई की शिकायत पर अजनी थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अजनी के वरिष्ठ थानेदार नीतिनचंद्र राजकुमार के निर्देश पर कार्रवाई की गई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319 और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक पंकज काकड़े कर रहे हैं।














