ट्रस्ट ने 5 सोने-चांदी की वस्तुएं दिखाईं, इनकी चोरी का दावा था
लोकवाहिनी, संवाददाता
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन की जांच जारी रहने के बीच सोमवार को यहां एक बैठक के दौरान अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिये। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर सदस्य कृष्ण मोहन को महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का भी निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पांचों सामग्रियों को प्रदर्शित किया, जिनके गायब होने या चोरी होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। इनमें चांदी से बनी कागभुशुंडी, हीरे का हार, सोने की चरण-पादुका और सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस (कीमत करीब 5 करोड़ रुपए) जैसी चीजें शामिल थीं। ट्रस्ट ने दान में हेराफेरी और चढ़ावे की चोरी की इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और ‘लज्जाजनक’ करार दिया। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की एसआईटी जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह बैठक शाम को समाप्त हुई, जिसके बाद ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास कार्यक्रम स्थल से चले गए। बैठक राम जन्मभूमि परिसर के अंदर दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू हुई जिसमें ट्रस्ट के नौ स्थायी सदस्यों में से सात ने भाग लिया। मंदिर के दान के गबन के आरोपों के बाद राय और मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफे पर विचार-विमर्श करने, मामले की एसआईटी जांच की प्रगति की समीक्षा करने और इस्तीफे स्वीकार किए जाने पर ट्रस्ट में प्रमुख पदों पर नियुक्तियों पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक से पहले, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा था कि वह राम लला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से बहुत दुखी हैं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।












