निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने की पुष्टि : अब तक 8 गिरफ्तार
अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण में शुक्रवार को बड़ा मोड़ आया। इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय के साथ सदस्य अनिल मिश्रा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी में ट्रस्ट ने जो एफआईआर कराई है, उनमें टिन्नू यादव समेत आठ के नाम हैं। गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में बीएमएस की धाराओं 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इन सभी आरोपियों पर चोरी, विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद शुक्रवार को इन सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम शामिल हैं। सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में कई अहम राज सामने आएंगे। साथ ही यह भी पता चलेगा कि आरोपियों ने कैसे इस चढ़ावा चोरी कांड को अंजाम दिया। राम मंदिर ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। योगी आदित्यनाथ सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने प्रारंभिक जांच के बाद अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी के आरोपों के सिलसिले में आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने यह कदम उठाया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के एक और अहम सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की शुरुआती जांच में भक्तों के चढ़ावे के प्रबंधन, हिसाब-किताब और निगरानी में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। यह शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई थी, जिन्हें पूर्व ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितंबर 2025 में ट्रस्ट में शामिल किया गया था। उधर चंपत राय को लेकर आवाज उठ रही है कि जब तक वह कुर्सी पर बैठे रहेंगे, निष्पक्ष जांच की बात बेमानी होगी। जिस तरह जैन हवाला कांड के आरोप लगते ही आडवाणी ने इस्तीफा दिया था और बेदाग होने के बाद चुनाव लड़ा। उन्होंने नैतिकता का सर्वोच्च मानदंड स्थापित किया था। अगर चंपत राय उस पद पर बने रहेंगे तो आपको लेकर निष्पक्ष जांच की उम्मीद पूरी तरह बेमानी है। जब तक जांच चले, चंपत राय को खुद ही पद छोड़ देना चाहिए।
सबूतों के आधार पर बढ़ेंगे आरोपी। कुछ अज्ञात भी आरोपी हैं। दरअसल, पुलिस की विवेचना में और साक्ष्य सामने आएंगे। इसमें सरकारी बैंककर्मियों के अलावा अन्य नामों का भी खुलासा होगा।
■ भाजपा का लंका कांड अयोध्या में ही होगा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक घंटे के भीतर दो पोस्ट शेयर कर भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने अयोध्या केस को लंका कांड बताकर तंज कसा। अपने एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा है, भाजपा का लंका कांड अयोध्या में ही होगा। आखिर दानभक्तों का मुखौटा उतर ही गया, क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा है, अब भाजपाइयों के अहंकार की चमचमती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और लंकाधिपति का भी। भाजपा के लिए तो अमृतकाल बनकर आया है। ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफे नहीं होते हैं। चढ़ावा-दान चोरी से आहत जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपाई कह रहे हैं कि हमने कहा था कि इस्तीफा नहीं होता, हमने इस्तीफा नहीं त्यागपत्र दिया है।
■ सभी 8 आरोपियों को 3 दिन की पुलिस कस्टडी
अयोध्या राम मंदिर से चंदा चोरी मामले में आरोपियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। पुलिस ने जिन 8 आरोपियों को अरेस्ट किया था, कोर्ट ने उन्हें तीन दिन यानी सोमवार तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। फैजाबाद कोर्ट के सामने पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी मांगी थी। आरोपियों को मजिस्ट्रेट निवेदित के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने पुलिस को सभी 8 आरोपियों की कस्टडी सौंपी है। वहीं सोमवार को पुलिस आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश कर सकती है और पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बाद चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अहम साक्ष्य सामने आने का दावा किया गया था। जांच के आधार पर पुलिस ने रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव को गिरफ्तार किया था।












