परिवार की विरासत को मिटाने की कोशिश
लोकवाहिनी, संवाददाता:पुणे। राकांपा (एसपी) नेता रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि बारामती में कोई भी 2029 के विधानसभा चुनावों में ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई नहीं देखना चाहता, लेकिन राकांपा से जुड़े कुछ लोग इस तरह के मुकाबले के पक्ष में प्रतीत होते हैं क्योंकि ये पवार परिवार की विरासत को समाप्त करना चाहते हैं। रोहित परोक्ष रूप से भाजपा को निशाना बना रहे थे, जो महाराष्ट्र में ‘महायुति’ सरकार का नेतृत्व कर रही है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ सत्ता साझा करती है।
राकांपा की कमान वर्तमान में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथ में है, जिन्होंने जनवरी में अपने पति अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद पार्टी की बागडोर संभाली थी। सुनेत्रा पवार बारामती उपचुनाव में ‘महायुति’ की उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, जिसके लिए बृहस्पतिवार को मतदान हो रहा है। वर्ष 2029 में बारामती में दिवंगत अजित पवार के बेटे जय और उनके चचेरे भाई युगेंद्र पवार के बीच संभावित मुकाबले को लेकर जारी अटकलों पर रोहित पवार ने कहा, बारामती की जनता की इच्छा के विरुद्ध, पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पवार बनाम पवार का मुकाबला हुआ।
बारामती उपचुनाव के लिए मतदान करने के बाद उन्होंने कहा, कल अगर जय उनकी पार्टी (राकांपा) से चुनाव लड़ते हैं, तो युगेंद्र पवार भी राकांपा (एसपी) से मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में, बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ का मुकाबला हो सकता है, भले ही जनता ऐसा न चाहे। अहिल्यानगर जिले के कर्जत-जामखेड़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रोहित ने कहा कि न तो पवार परिवार और न ही बारामती के लोग इस तरह की (पवार बनाम पवार की) लड़ाई चाहते हैं। वहीं इस पूरे विवाद पर परिवार के अन्य सदस्यों की भी प्रतिक्रिया आई है। अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार का कहना है कि जनता की मांग है कि वह 2029 में चुनाव लड़ें,लेकिन फिलहाल वह केवल एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सेवा करना चाहते हैं। वहीं, अजीत पवार के भाई श्रीनिवास पवार ने इस पूरी बहस को ही गैर-जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि 2029 अभी बहुत दूर है और जो चीजें भविष्य में होनी हैं, उन पर अभी से टिप्पणी करना ठीक नहीं है। बता दें कि वर्तमान में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की कमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथों में है। जनवरी में अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने पार्टी की बागडोर संभाली थी। आज बारामती उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है, जहां सुनेत्रा पवार महायुति की उम्मीदवार के रूप में अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए मैदान में हैं।










