नई दिल्ली। ईरान ने अपने युद्धपोत आईआरआईएस दना (IRIS Dana) पर हुए हमले का अमेरिका से बदला ले लिया है। हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला किया। ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि हमले के बाद अमेरिकी जहाज में आग लगी हुई थी।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि श्रीलंका के तट पर आईआरआईएस दना पर बुधवार रात के हमले के लिए अमेरिका को बहुत पछतावा होगा। इसके लिए उन्होंने ‘BITTERLY REGRET’ शब्द का इस्तेमाल किया। यह हमला ईरानी सेना आईआरजीसी के एक बयान के तुरंत बाद हुआ, जिसमें कहा गया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना उसके कंट्रोल में होगा। यह घटना संघर्ष में एक बड़ी बढ़ोतरी को दिखाती है, जिसमें ईरान में 1200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और छह अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है।
गुरुवार को ईरान ने तेल टैंकर पर हमला करने का जो दावा किया, वह श्रीलंका के दक्षिणी तट पर एक यूएस सबमरीन द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया है। इससे युद्ध क्षेत्र हिंद महासागर तक फैल गया और यह भारत के पिछले हिस्से तक आ गया।
अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा: हमले तेज
ईरान ने बृहस्पतिवार सुबह इजरायल और अमेरिका के कई अड्डों पर नए सिरे से हमले किए और धमकी दी कि हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो से हमला करके डुबोने के लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा। ईरान के एक धार्मिक नेता ने ट्रंप का खून बहाने का आह्वान किया, वहीं इजरायल ने कहा कि उसने तेहरान पर व्यापक हमला शुरू कर दिया है। इजरायल ने कई मिसाइल हमले होने की घोषणा करते हुए तेल अवीव और यरुशलम में सायरन बजाए।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि हमलों में अमेरिकी अड्डों को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरानियों द्वारा समर्थित हिजबुल्लाह चरमपंथी समूह से जुड़े 80 ठिकानों पर पिछले 24 घंटे में हमला किया है। उसने कहा कि ईरान पर हमलों में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च स्थल और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस दना पर हमले के लिए ‘समुद्र क्षेत्र में अत्याचार’ का आरोप लगाया। इस हमले में कम से कम 87 ईरानी मारे गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मेरी बात लिखकर ले लो, अमेरिका को अपने किए पर ‘बुरी तरह पछताना’ पड़ेगा।”









