आखाती देशों में चल रही युद्धसदृश परिस्थितियों का असर अब भारतीय कृषि बाजार पर भी दिखने लगा है। खासकर महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से निर्यात होने वाले प्याज़ पर इसका बड़ा असर पड़ा है। निर्यात घटने के कारण स्थानीय बाजार में प्याज सस्ता हो गया है और भाव हजार रुपये प्रति क्विंटल के अंदर आ गए हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
नासिक और आसपास के क्षेत्र से प्याज़ आखाती देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। लेकिन वहां की अस्थिर परिस्थितियों के कारण व्यापार और परिवहन प्रभावित हुआ है। इससे निर्यात में बड़ी कमी आई है, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है।
निर्यात घटने के कारण स्थानीय बाजार में प्याजअधिक मात्रा में उपलब्ध होने लगा है। मांग की तुलना में आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आ रही है।किसान और व्यापारी दोनों ही इस समय आर्थिक कठिनाई का सामना कर रहे हैं। किसान उत्पादन के अच्छे दाम न मिलने से परेशान हैं, वहीं व्यापारी भी कम लाभ में फंसे हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव समाप्त नहीं होता और निर्यात सामान्य नहीं होता, तब तक बाजार भाव स्थिर होने की संभावना कम है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि स्टॉक की योजना बनाकर नुकसान को कम करें।









