लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर नेताओं से कहा कि भारत वैश्विक भू-राजनीति में लाचार राष्ट्र की तरह व्यवहार नहीं कर सकता। इस बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में पाकिस्तान की कथित भूमिका पर चिंता व्यक्त की गई।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को संसद में बैठक हुई, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी सहित शीर्ष मंत्रियों ने भाग लिया।
यह बैठक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस बयान के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक और निर्णायक वार्ता कराने के लिए तैयार और सम्मानित है। ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में शरीफ ने कहा कि दोनों देशों की सहमति से पाकिस्तान व्यापक समाधान के लिए वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है।
यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के साथ मिलकर पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए गुप्त प्रयास कर रहा है। शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेजेश्कियान से भी बात की और बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए तनाव कम करने का आह्वान किया।












