लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से काम बंद कर दिया है। यह आंदोलन राज्यव्यापी होने के कारण बोर्ड का कामकाज दिनभर ठप रहा। इस आंदोलन के चलते 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि अगर आंदोलन का जल्द समाधान नहीं निकला तो बोर्ड परीक्षा के नतीजे विलंबित हो सकते हैं।
नागपुर संभागीय शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने राज्य के अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ मंगलवार को पूरे दिन कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। राज्य भर के 9 बोर्डों के लगभग 350 कर्मचारी इसमें भाग ले रहे हैं। नागपुर बोर्ड के लगभग 50 कर्मचारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं। बोर्ड ने पदोन्नति और तबादलों की नीति में बदलाव किया है और सेवा अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 से 6 वर्ष कर दिया है। इस निर्णय से कर्मचारियों में भारी असंतोष है। बोर्ड कर्मचारी संघ का कहना है कि यह निर्णय एकतरफा लिया गया और राज्य शिक्षा कर्मचारी संघ को विश्वास में नहीं लिया गया। इससे पहले, संघ ने राज्य के सभी 9 विभागों में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। परिणामस्वरूप कर्मचारियों ने काम बंद करने का निर्णय लिया।
बोर्ड के कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहे, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। फिलहाल, 10वीं और 12वीं के नतीजों की तैयारियां चल रही हैं और अधिकांश काम अंतिम चरण में है। हालांकि खेल, कला और सांस्कृतिक विषयों के अंकों की गिनती का काम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ठप पड़ा है। इसलिए नतीजों में देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हड़ताल के मद्देनजर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें दिन भर चलती रहीं। शिक्षा आयुक्त और शिक्षा निदेशक ने सभी बोर्डों के अध्यक्षों और सचिवों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। अध्यक्षों और सचिवों ने भी कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण काम प्रभावित हुआ है और भविष्य में स्थिति और भी गंभीर होने की संभावना है। बोर्ड परीक्षा के नतीजों के साथ ही पूरक परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू हो जाती है। इसलिए आशंका है कि इस विरोध प्रदर्शन का असर पूरी परीक्षा प्रणाली पर पड़ेगा।







