लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष राज्य का कुल रिजल्ट 92.09 प्रतिशत रहा। बोर्ड अध्यक्ष त्रिगुण कुलकर्णी ने पत्रकार परिषद में परिणाम की घोषणा की। इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जबकि कोंकण विभाग ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया। वहीं नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर विभाग का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5% से भी अधिक रहा है। सभी मंडल बोर्डों में, नियमित छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.96% रहा, जबकि छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.56% रहा।
इससे पता चलता है कि लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5.40 प्रतिशत अंक अधिक है। राज्य भर के 23,698 सेकेंडरी स्कूलों से कुल 1,555,026 रेगुलर छात्र पंजीकृत थे। हैरानी की बात यह है कि इस बार प्रदेश के शैक्षणिक स्तर में सुधार दिखा है, जहां 6,612 स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100% रिजल्ट हासिल किया है। यानी इन स्कूलों का एक भी छात्र अनुत्तीर्ण नहीं हुआ है। सभी मंडल बोर्डों में, कोंकण मंडल में नियमित छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अधिक 97.62% रहा, जबकि छत्रपति संभाजीनगर मंडल में उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे कम 88.41% रहा। राज्य के नौ मंडल बोर्डों से कुल 29,518 पुनः परीक्षा देने वाले छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 28,867 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 9,757 छात्र उत्तीर्ण हुए, जिसके परिणामस्वरूप कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 33.79% रहा। बता दें कि पिछले साल फरवरी-मार्च 2025 में हुई 10वीं बोर्ड परीक्षा का नतीजा 94.10 प्रतिशत रहा, जबकि इस साल का नतीजा 92.09 प्रतिशत है। फरवरी-मार्च 2025 की परीक्षा की तुलना में, फरवरी-मार्च 2026 की परीक्षा के नतीजों में 2.01 प्रतिशत की गिरावट आई है। राज्य के 9 डिवीजनल बोर्ड में इस परीक्षा के लिए कुल 1,614,050 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें रेगुलर छात्र, प्राइवेट छात्र और दोबारा परीक्षा देने वाले छात्र शामिल थे। इनमें से 1,600,164 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 1,452,246 छात्र पास हुए। उनका पास प्रतिशत 90.75 है।
91.22% दिव्यांग छात्रों पास
महाराष्ट्र के 9 मंडल बोर्डों से कुल 10,031 दिव्यांग छात्रों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 9,912 छात्र परीक्षा में शामिल हुए; जिनमें से 9,042 छात्र उत्तीर्ण हुए, जिसके परिणामस्वरूप कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 91.22% रहा।
94 हजार से ज्यादा विद्यार्थी मराठी में फेल
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जहां एक ओर राज्य का कुल प्रदर्शन सुधार की ओर है और 35 में से 12 विषयों का परिणाम 100% रहा है, वहीं दूसरी ओर एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिस राज्य की पहचान उसकी मराठी संस्कृति और भाषा से है, उसी राज्य के करीब 94,544 छात्र मराठी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए हैं। महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड द्वारा जारी 10वीं बोर्ड परीक्षा के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 10,87,699 छात्रों ने प्रथम भाषा के रूप में मराठी को चुना था। इनमें से 80,803 छात्र फेल हो गए हैं। प्रथम भाषा के रूप में मराठी का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 92.57% रहा है। केवल प्रथम भाषा ही नहीं, बल्कि द्वितीय और तृतीय भाषा के रूप में मराठी चुनने वाले छात्रों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। इस श्रेणी में परीक्षा देने वाले 4,13,917 छात्रों में से 13,741 छात्र फेल हुए हैं। मतलब महाराष्ट्र में कुल मिलाकर 94 हजार से अधिक छात्रों की मराठी विषय में फेल हो गए।








