केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिए निर्देश
लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसज पोर्टल पर लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को सीबीएसई की मदद के लिए तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन सेवाएं शुरू होने के बाद छात्रों और अभिभावकों को पोर्टल एक्सेस, भुगतान और स्कैन कॉपी डाउनलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
सरकार का उद्देश्य अब इस पूरी प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े। रिजल्ट जारी होने के बाद लाखों छात्रों ने री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करना शुरू किया। इसी दौरान पोर्टल पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया जिससे कई तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगीं। कई छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट सही तरीके से खुल नहीं रही थी, पेमेंट प्रक्रिया बीच में रुक रही थी और स्कैन कॉपी डाउनलोड करने में भी परेशानी हो रही थी।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की टीम को साथ जोड़ने का फैसला किया है। यह टीम पोर्टल के तकनीकी सिस्टम और वर्कफ्लो की जांच करेगी। साथ ही सर्वर की क्षमता, वेबसाइट की स्थिरता और पूरे सिस्टम की परफॉरमेंस को बेहतर बनाने पर काम करेगी। कोशिश यह रहेगी कि री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
इस साल आईआईटी विशेषज्ञों की टीम ने 98.6 लाख से ज्यादा आंसर शीट्स की जांच की थी। रिजल्ट आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र पोर्टल पर एक साथ एक्टिव हुए जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। इसी वजह से सरकार ने फोकस्ड टेक्नोलॉजिकल इम्प्रूवमेंट के तहत आईआईटी की मदद लेने का निर्णय किया। सरकार का मानना है कि इन सुधारों के बाद छात्रों को वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी परेशानी नहीं होगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष री-इवैल्यूएशन के लिए 2.94 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 8.56 लाख उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं। पिछले वर्ष यह संख्या केवल 1.31 लाख आवेदन और 2.82 लाख उत्तर पुस्तिकाओं तक सीमित थी। लगातार बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और सीबीएसई को पारदर्शी, तेज और छात्र हितैषी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। (पेज 6 पर)









