शपथ लेते ही 200 यूनिट फ्री बिजली का आदेश, 9 मंत्रियों का भी शपथग्रहण
लोकवाहिनी, संवाददाता:चेन्नई। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। थलापति विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। केवल निर्धारित शपथ के शब्दों तक सीमित रहने के लिए कहा। सीएम विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली।
इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना शामिल है। ये सभी विजय की पार्टी टीवीके के विधायक हैं। टीवीके नेता एमवी करुपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद विजय ने राज्य के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई राहत योजना की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत, जिन उपभोक्ताओं की दो महीने में बिजली खपत 500 यूनिट तक होगी, उन्हें हर दो महीने में 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं की दो माह की खपत 500 यूनिट से अधिक है, उनके लिए मौजूदा टैरिफ व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी। ऐसे उपभोक्ताओं को पहले से मिल रही 100 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी।
तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट छोड़ी
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने पदभार संभालने से पहले तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा सीट से अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्होंने पेरम्बूर विधानसभा सीट को अपने पास बनाए रखने का निर्णय लिया है। आज सचिवालय में मंत्री केए सेंगोट्टैयन और पी. वेंकटरमणन ने विधानसभा सचिव डॉ. के. श्रीनिवासन से मुलाकात कर विजय का इस्तीफा पत्र सौंपा।
पिछली सरकारों पर लगाया राज्य पर कर्ज बढ़ाने का आरोप
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने लोगों से अपील की कि उन्हें कामकाज के लिए उचित समय दिया जाए ताकि परिणाम दिखाए जा सकें। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने और पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ने की बात कही। साथ ही उन्होंने पिछली सरकार पर राज्य पर भारी कर्ज डालने का आरोप लगाया और कहा कि वह जनता से झूठे वादे नहीं करेंगे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के भारी कर्ज के दबाव के बीच संभाली है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा, जिससे जनता को पूरी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनके अलावा कोई अन्य सत्ता केंद्र नहीं होगा, सत्ता का एकमात्र केंद्र वही होंगे।









