लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। विदर्भ में भीषण गर्मी के साथ-साथ अब पूरा राज्य बिजली आपूर्ति के गंभीर संकट से जूझ रहा है। महानिर्मिति के छह ताप विद्युत उत्पादन संयंत्र तकनीकी खराबी के कारण एक साथ बंद हो गए हैं। इससे राज्य को मिलने वाली कुल बिजली आपूर्ति में 1500 से 1700 मेगावाट की भारी कमी आई है और महावितरण की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नासिक, कोराडी, खापरखेड़ा, पारस और चंद्रपुर में स्थित महानिर्मिति की कुल छह बिजली उत्पादन इकाइयां तकनीकी खराबी और मरम्मत कार्य के कारण बंद हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, इनमें से चार इकाइयां अगले 12 घंटों में चालू होने की संभावना है, इसलिए महानिर्मिति ने चिंता की कोई बात नहीं होने का दावा किया है।
महानिर्मिति के सूत्रों के अनुसार, 23 मई को दोपहर 12.40 बजे नासिक ताप विद्युत स्टेशन की इकाई संख्या 4 (210 मेगावाट), कोराडी परियोजना की इकाई संख्या 9 (660 मेगावाट), खापरखेड़ा की इकाई संख्या 3 (210 मेगावाट) और इकाई संख्या 5 (500 मेगावाट), पारस विद्युत स्टेशन की इकाई संख्या 4 (250 मेगावाट) और चंद्रपुर ताप विद्युत स्टेशन की इकाई संख्या 6 (210 मेगावाट) बंद कर दी गई। इन सभी इकाइयों की संयुक्त विद्युत उत्पादन क्षमता 2,040 मेगावाट है।
भीषण गर्मी के कारण राज्य में एयर कंडीशनर, पंखे, कृषि पंप और औद्योगिक उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ गई है। इससे महाराष्ट्र वितरण निगम और ऊर्जा विभाग के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। महावितरण के सूत्रों के अनुसार, बंद पड़े बिजली के सेटों को फिर से चालू करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटों में ये सेट फिर से चालू हो जाएंगे और बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी। हालांकि, तब तक बिजली कंपनी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए घर और कार्यालय में बिजली का उपयोग अत्यंत सावधानी और सतर्कता से करें।
तकनीकी खराबी और बढ़ते तापमान का प्रभाव
विदर्भ के चंद्रपुर, कोराडी और खापरखेड़ा में स्थित महानिर्मिति की बिजली उत्पादन इकाइयों में एक के बाद एक तकनीकी खराबी आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कोयले की अनुपलब्धता और लगातार बढ़ते तापमान के कारण मशीनों पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव की वजह से ये 6 इकाइयां बंद कर दी गई हैं। इस खराबी ने बिजली आपूर्ति में अनिश्चितता पैदा कर दी है, ऐसे समय में जब मई के अंत में राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
नागपुरवासी बिजली कटौती से बेजार
उपराजधानी नागपुर में तापमान इस समय लगभग 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी में नागरिकों से शिकायतें मिल रही हैं कि शहर के कुछ उपनगरों और ग्रामीण इलाकों में घोषित और अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। दोपहर और रात की भीषण गर्मी में भी बिजली आपूर्ति बाधित होने से नागरिक अत्यधिक परेशान हैं।









