पनवेल में मुख्यमंत्री फणवीस ने किया ‘IDEAL सेंटर’ का आगाज
लोकवाहिनी, संवाददाता
पनवेल। मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस ने सोमवार को पनवेल के वहाल स्थित P.M. श्री रायगढ़ जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में ‘IDEAL सेंटर’ (इंटरैक्टिव डिजिटल, एक्सपेरिमेंटल, एडमिनिस्ट्रेशन और लर्निंग सेंटर) का उद्घाटन किया। इस पहल के जरिए राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को मजबूत करने और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जिला परिषद स्कूलों में लगातार किए जा रहे शैक्षिक सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ऐसे कई छात्र, जो पहले निजी स्कूलों में चले गए थे, वे दोबारा सरकारी स्कूलों में लौट रहे हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकारी स्कूलों में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। ‘IDEAL सेंटर’ को शिक्षा प्रणाली में एक आधुनिक प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल माध्यम से सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत इंटरैक्टिव लर्निंग, प्रयोग आधारित शिक्षा, प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और जिला परिषद स्कूलों के छात्र भी शहरों के निजी स्कूलों के छात्रों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
छात्रों को मिलेगी टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस ने कहा कि आज के डिजिटल युग में छात्रों को टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षा देने के लिए बनाई गई यह अत्याधुनिक डिजिटल लैब बहुत उपयोगी साबित होगी। कक्षा 1 से 8 तक का पूरा पाठ्यक्रम ऑडियो-विजुअल माध्यम से उपलब्ध है, जिससे शिक्षक बेहतर ढंग से पढ़ा सकेंगे और छात्र ज्यादा प्रभावी ढंग से पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से शिक्षा प्रक्रिया में तेजी और गुणवत्ता आएगी। सीएम फणवीस ने कहा कि छात्रों में संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना पैदा करना जरूरी है। राज्य सरकार इन स्कूलों के जरिए भविष्य के बेहतरीन नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर विधायक महेश बाल्दी, पूर्व सांसद रामशेठ ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बन रही है, जिससे छात्रों की भागीदारी बढ़ रही है।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्कूल प्रशासन के सदस्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सेंटर भविष्य में अन्य जिला परिषद स्कूलों में भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाया जा सके। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहल से छात्रों में तकनीक की समझ बढ़ेगी और वे नई शिक्षा प्रणाली के अनुरूप खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल गैप को कम करने में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय स्तर पर भी इस उद्घाटन को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि यदि सरकारी स्कूलों में इसी तरह सुविधाएं बढ़ती रहीं तो बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में सरकारी स्कूलों की छवि और मजबूत होने की उम्मीद है।












