लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक का मकसद 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों का जायजा लेना था। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रधान ने नीट यूजी परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और कुशलता के सर्वश्रेष्ठ मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही सभी अधिकारियों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि री-एग्जाम निष्पक्ष और पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए।
सभी लेवल पर तालमेल बैठाने को लेकर मंत्री ने बताया कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी री-एग्जाम प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों में तालमेल बिठाने के लिए सभी राज्यों में पहुंचेंगे और एनटीए के डीजी की अध्यक्षता वाले कमांड सेंटर को रिपोर्ट करेंगे। शिक्षा मंत्री ने राज्य सरकारों के नियुक्त नोडल अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलें ताकि वे तनाव-मुक्त माहौल में री-एग्जाम में दें सकें। इस बैठक में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार; उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी बैठक में शामिल हुए। (पेज 6 पर)












