धमकियों के बीच केंद्र सरकार का फैसला
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस ने शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों को ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। इन सांसदों के कथित तौर पर पाला बदलने के प्रयास को लेकर शिवसेना (उबाठा) नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई धमकियों के बीच यह सुरक्षा प्रदान की गई। पुलिस आयुक्त (खुफिया) शिरीष जैन द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में कहा गया है कि संजय दीना पाटिल (मुंबई-उत्तर पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहब वाकचौरे (शिरडी), नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली) और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (उस्मानाबाद) को सुरक्षा प्रदान की गई है। 17 जून के पत्र में कहा गया है कि इन सांसदों को तत्काल प्रभाव से ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। ‘वाई-प्लस’ श्रेणी सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। ये सांसद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के संसदीय दल की नई दिल्ली में हुई बैठक में शामिल नहीं हुए। शिवसेना (उबाठा) के एक स्थानीय नेता ने बुधवार को यवतमाल-वाशिम से लोकसभा सदस्य संजय देशमुख को कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा था कि अगर देशमुख इस्तीफा दिए बिना अपनी निष्ठा बदलते हैं, तो उन्हें अपने चुनाव क्षेत्र में वापस नहीं आना चाहिए, वरना उनकी कार जला दी जाएगी। (पेज 6 पर)
■ सांसदों के खिलाफ कार्रवाई होगी: अरविंद सावंत
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में विद्रोह की अटकलों के बीच, उसके सांसदों की नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी नेता अरविंद सावंत ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘व्हिप’ का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिवसेना (उबाठा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि बागियों को सबक सिखाने की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार, संकट गहराने के बीच शिवसेना (उबाठा) के बागी नेताओं के एक समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से बुधवार को अनौपचारिक मुलाकात की और निचले सदन में पार्टी के नौ में से छह सांसदों के समर्थन का दावा किया। पार्टी नेतृत्व ने तीन लाइन का ‘व्हिप’ जारी किया और बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में संसदीय दल की आपात बैठक बुलाई। सांसदों के लिए बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।












