प्रारंभिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए, प्रतिबंधों में ढील, खुलेगा जलडमरूमध्य
लोकवाहिनी, संवाददाता
वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बुधवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत तेहरान अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार में संवर्धन का स्तर कम करेगा और इसके बदले उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी जिससे ईरान बिना किसी रोक के अपना तेल बेच सकेगा। अमेरिका और ईरान ने यह जानकारी दी। समझौते की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों देशों के नेताओं द्वारा हस्ताक्षर करने के बाद युद्ध समाप्त करने संबंधी यह प्रारंभिक समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। समझौते में संघर्ष स्थायी रूप से समाप्त करने का आह्वान किया गया है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिन की वार्ता अवधि शुरू हो गई है।
हालांकि, ट्रंप ने दोबारा हमले करने का विकल्प खुला रखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि समझौते के तहत ईरान को शुरुआत में ही कई बड़े लाभ दिए गए हैं, जबकि बदले में उससे बहुत कम हासिल किया गया है। यह समझौता कई दिनों से गोपनीयता और भ्रम की स्थिति में घिरा रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने सप्ताहांत में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा इस समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी देने के बाद भी इसकी शर्तों का खुलासा करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वर्साय महल में रात्रिभोज के दौरान समझौते की कागजी प्रति पर हस्ताक्षर किए। वर्साय में पहले भी युद्ध या क्षेत्रीय विवाद समाप्त करने वाले कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की ओर से परस्पर विरोधी जानकारी सामने आने के बाद अब यह स्पष्ट नहीं है कि समारोह होगा या नहीं। ट्रंप ने फ्रांस में जी7 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद वर्साय में आयोजित रात्रिभोज से निकलते समय कहा, इस पर हस्ताक्षर हो गए हैं। व्हाइट हाउस के एक सहयोगी द्वारा ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में मैक्रों के बगल में बैठे हुए ट्रंप समझौते की कागजी प्रति पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो को दस्तावेज और कलम सौंप दी तथा कमरे में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। मैक्रों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के अनुसार, ट्रंप ने हस्ताक्षर करने से ठीक पहले कहा, यह आसान नहीं था। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने तेहरान में समझौते पर हस्ताक्षर किए। एजेंसी ने ट्रंप और पेजेशकियन के हस्ताक्षर वाला समझौता दिखाते हुए ईरानी राष्ट्रपति की तस्वीरें भी जारी की हैं जिसमें वह गंभीर मुद्रा में नजर आ रहे हैं। समझौते का आधिकारिक पाठ अब तक जारी नहीं किया गया है। (पेज 6 पर)
■ परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान
इस डील से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को रिपोर्टरों के साथ हुई एक कॉन्फ्रेंस कॉल में 14 पॉइंट्स वाली डील की पूरी जानकारी दी है। 800 शब्दों वाले डेढ़ पन्ने के इस दस्तावेज में होर्मुज को सिर्फ 60 दिनों के लिए मुफ्त खोले जाने की बात कही गई है। डील में ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का भरोसा दिया है, जबकि ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर (28 लाख करोड़ रुपए) के फंड की योजना पर भी सहमति बनी है। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।
■ इमारतें उड़ाना बंद करो नेतन्याहू : ट्रंप
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान लेबनान में मिलिट्री एक्शन रोकने को कहा। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, इमारतें उड़ाना बंद करो। इस दौरान ट्रंप, नेतन्याहू से सख्त लहजे में बातचीत कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सहयोगियों से नाराजगी जताते हुए कहा है कि नेतन्याहू हर किसी पर बम गिराना चाहते हैं।












