श्वान के हमले से खत्म हो गई थी श्वास लेने की क्षमता
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। छह साल की बच्ची पर श्वान ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची की गर्दन पर गंभीर चोटें आई थीं। एयरवे (श्वास नली) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इससे उसकी श्वास लेने व बोलने की क्षमता खत्म हो गई थी। बच्ची की जान खतरे में आ चुकी थी। एम्स नागपुर के डॉक्टरों की टीम ने इस बच्ची की जटिल सर्जरी करने का जोखिम उठाया। सर्जरी में सफलता मिली। बच्ची को नया जीवन मिला। कुछ दिन पहले आवारा कुत्ते के हमले से अपने छोटे भाई-बहन को बचाने एक छह साल की बच्ची भिड़ गई। इसमें कुत्ते ने इस बच्ची पर जानलेवा हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से बच्ची की श्वास लेने की नली और बोलने की क्षमता लगभग खत्म हो गई थी। उसका बचना मुश्किल हो चुका था। एम्स के डॉक्टरों ने बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए जटिल सर्जरी करने का जोखिम उठाने का निर्णय लिया। कई चरणों में अलग-अलग जटिल सर्जरियां की गई। लंबे समय तक चिकित्सा प्रक्रिया चली। इसके बाद बच्ची सामान्य रूप से सांस ले रही है, बोल पा रही है। सामान्य होने पर उसे छुट्टी दी गई।
एम्स नागपुर के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के अनुसार कुत्ते के हमले में बच्ची की गर्दन पर गंभीर चोटें आई थीं। एयरवे (श्वास नली) बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था। शुरुआती उपचार के दौरान डॉक्टरों ने आपातकालीन ट्रेकियोस्टॉमी कर उसकी सांस का रास्ता बनाया। स्थिति स्थिर होने पर उसका उपचार शुरू किया गया। जांच के दौरान पता चला कि हमले में बच्ची का थायरॉयड कार्टिलेज (वॉयस बॉक्स का सुरक्षा कवच) टूट चुका था। उसके दाहिने वोकल कॉर्ड को भी गंभीर क्षति पहुंची थी। एयरवे के अंदर गहरे घाव और रक्तस्राव के कारण उसकी आवाज बंद हो चुकी थी। बच्ची की निगलने की क्षमता भी प्रभावित हो गई थी। ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने इसे बेहद चुनौतीपूर्ण मामला बताया।










