उद्धव ने राम रक्षा आंदोलन शुरू किया, भाजपा पर निशाना साधा
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के खिलाफ रविवार को राम रक्षा आंदोलन शुरू किया। इस मौके पर उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा, हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं। उद्धव ने मध्य मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने मंदिर के बाहर एक रैली को संबोधित करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। भगवा रंग का कुर्ता पहने उद्धव ने कहा कि अगर कोई हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उसे नहीं बख्शेंगे। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में हैं। किसी लुटेरे से उसकी अपनी लूट की जांच करने के लिए नहीं कहा जा सकता। यह काम निष्पक्ष रूप से किया जाना चाहिए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख ने अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी हैं के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि काशी और मथुरा में क्या होगा। उद्धव ने कहा, हम निडर, मासूम और देश से प्यार करने वाले हिंदू हैं, लेकिन मूर्ख नहीं।
उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने हिंदुओं को जगाया था, लेकिन आज उन्हें सम्मोहित किया जा रहा है। आगे बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि, शीलापूजन हो तो शीलापूजन किया, रथयात्रा हो तो उसमें भाग लिया। कारसेवा हो तो अयोध्या जाकर कारसेवा की। कई कारसेवकों ने रक्त बहाया, कई लोगों की जान गई। उसके बाद जो हुआ, जो मुंबई शहर ने झेला, शायद ही किसी और शहर ने ऐसा झेला हो। बम धमाके हुए, दंगे हुए, तब सिर्फ एक ही मर्द हिंदुओं के लिए खड़ा हुआ था, वह थे हिंदू हृदय सम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सात जून को सामने आया। मामले की पड़ताल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा और गिनती की प्रक्रिया में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वे लोग सत्ता का सुख भोग रहे हैं
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि, हिंदू भयभीत था, हिंदू पर हमला हो रहा था, वह सहारा ढूंढ रहा था। उस समय शिवसेना का भगवा शिवसेनाप्रमुख ने हिंदुओं के हाथ में दिया। इसका गलत फायदा उठाया गया, वे लोग सत्ता का सुख भोग रहे हैं और हिंदू आज भी पीड़ित है। 12 साल हो गए, हमने जिसके लिए मेहनत की थी, वह व्यक्ति प्रधानमंत्री पद पर बैठा। लेकिन इसके बाद उन्होंने शिवसेना को खत्म करने बीड़ा उठाया। उन्हें हिंदुत्व का गलत फायदा उठाना था। लेकिन सिर्फ एक ही शिवसेना है जो सामने खड़े होकर निडर होकर उन्हें सवाल पूछ सकती है।













