लोकसभा में विधेयक पेश, विपक्ष मंगलवार को चर्चा पर राजी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर लोकसभा में जारी गतिरोध दूर करने पर सहमति बन गई है और मंगलवार से सदन में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हो सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सभी प्रमुख राजनीतिक दल मंगलवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए सहमत हो गए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित इस विधेयक में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण प्रश्नपत्र लीक रोकने संबंधी प्रावधानों वाले विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी जिसे सरकार ने आज ही सदन में पेश किया था।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से सदन की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।











