जलजीवन मिशन के ठेकेदारों का अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नीट परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में छात्रों ने जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का असर पूरे देश में फैल गया। राज्य की उपराजधानी में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। झारखंड में भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी तरह अब ठेकेदारों ने भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। ठेकेदारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। जलजीवन मिशन योजना के तहत काम कर रहे ठेकेदारों के करोड़ों रुपये का भुगतान पिछले दो वर्षों से बकाया होने के कारण ठेकेदारों ने बुधवार को संविधान चौक पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। निधि दो, किए गए काम का भुगतान करो जैसी मांगों वाले बैनर लिए बड़ी संख्या में ठेकेदार प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, राज्य में विभिन्न योजनाओं के लिए निधि की अनुपलब्धता के कारण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे नहीं हो सके। अतः ठेकेदारों पर विलंब के लिए लगाया गया जुर्माना रद्द कर वापस किए जाने और सभी जलजीवन मिशन योजनाओं को बिना किसी जुर्माने के दिसंबर 2028 तक बढ़ाए जाने की मांग प्रमुख रूप से की गई। यह भी मांग की गई कि निविदा में सार्वजनिक अंशदान की किसी शर्त के बिना ठेकेदारों के भुगतान से की गई कटौती को तत्काल वापस किया जाए और भविष्य में ऐसी कोई कटौती न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निधि की कमी के कारण रुके हुए कार्यों के लिए ठेकेदारों पर तब तक कोई प्रशासनिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए जब तक कि निधि उपलब्ध न हो जाए।
संशोधित जल आपूर्ति योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए और संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिए ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। पूर्ण हो चुकी जल आपूर्ति योजनाओं को संबंधित स्थानीय निकायों को तुरंत हस्तांतरित किया जाना चाहिए और ठेकेदारों को अंतिम भुगतान किया जाना चाहिए। यह मांग भी की गई है कि हस्तांतरण के बाद रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदारों पर न डाली जाए। यह भी मांग की गई है कि संशोधित जल आपूर्ति योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुमोदित किया जाए। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं हैं तो वे मुंबई में विरोध प्रदर्शन करेंगे।












