ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी नेताओं के लिए उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ‘ओली दराजाली दोस्तलिक’ से रविवार को सम्मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी मैत्रीपूर्ण संबंधों को समर्पित किया। मोदी व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और संपर्क समेत कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रदान किया।
मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ओली दराजाली दोस्तलिक’ सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी संबंधों को समर्पित करता हूं। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री को दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इसने कहा, प्रधानमंत्री ने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों को समर्पित किया और इस बात को रेखांकित किया कि यह दोनों सभ्यताओं के बीच स्थायी मित्रता का प्रतीक है। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द ‘दोस्तलिक’ से भली-भांति परिचित हैं।
दोनों देशों के बीच यूरेनियम सहित कई मुद्दों पर सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और उज्बेकिस्तान ने रविवार को अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया और यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ बाजार तक पहुंच, बैंकिंग, भुगतान प्रणाली और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन मुद्दों का समाधान एक व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ावा दिया जा सके। दोनों नेताओं की बातचीत में कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इनमें शामिल हैं : व्यापार और निवेश, बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज और खनन, कृषि, रक्षा और सुरक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और आयुर्वेद शामिल हैं। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों से जुड़े कई समझौतों और सहमति पत्रों का भी आदान-प्रदान किया। दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके तहत उज्बेकिस्तान से भारत को लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति के लिए एक विशेष व्यवस्था तैयार की जाएगी। यह समझौता भारत की परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग आपसी भरोसे को दर्शाता है।














