भाजपा-आरएसएस जोकरों का समूह : राहुल गांधी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें जोकरों का समूह करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में यह बात घर कर गई है कि गले मिलना ही विदेश नीति है। उन्होंने कांग्रेस के प्रकोष्ठ ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि लड़ाई को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में अब तक बहुत सारे लोग भाजपा-आरएसएस के सामने डरपोक की तरह व्यवहार कर रहे थे, जबकि मुकाबला ऐसे लोगों से है जिन्हें देश के दर्शन या इतिहास की कोई समझ नहीं है। अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे होते और अचानक कहते कि आप डर गए हैं, तो मैं समझ सकता हूं। लेकिन आज आप जोकरों और मसखरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास के बारे में कुछ पता नहीं है।
राहुल गांधी ने छात्रों के हालिया आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों से चुप रहने को कहा गया तथा अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस व्यवस्था थोपना चाहते हैं। उन्होंने कहा, और हमारा काम भारत को अपनी बात कहने देना और इस व्यवस्था को तोड़ना है। कांग्रेस नेता का कहना था कि जिस दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को भी खत्म करने की बात की जाएगी, वह उसकी रक्षा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जब सभी लोगों को अभिव्यक्ति का अवसर दिया जाएगा तो देश की ताकत दुनिया को दिखाई देगी। प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया और कहा प्रधानमंत्री के दिमाग में पता नहीं कहां से यह बात घुस गई कि गले मिलना ही विदेश नीति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल तब तक सरकार को सोने नहीं देंगे, जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देते और गृह मंत्री अमित शाह पद से हट नहीं जाते।













